हरियाणा: आंसू गैस छोड़े, महिलाओं को गंदे इशारे किए... हरियाणा के चानोत गांव में चल रहे प्रोटेस्ट के दौरान ये क्या हो गया, जानें गांववालों ने क्या कहा

हिसार के चानोत गांव में पानी के कनेक्शन (टी) को लगाने और फिर तुरंत उखाड़ने को लेकर आधी रात को पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक टकराव हो गया. ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया.

चानोत गांव
चानोत गांव

न्यूज तक डेस्क

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हरियाणा के हिसार जिले के चानोत गांव (Chanot Village) में पानी की समस्या को लेकर चल रहा धरना प्रदर्शन अचानक हिंसक टकराव में बदल गया. ग्रामीणों का आरोप है कि आधी रात को भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले (Tear Gas Shells) दागे. चानोत गांव के सरपंच और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं के साथ अभद्र टिप्पणियां की गईं और गलत इशारे किए गए, जो वीडियो में ऑन-रिकॉर्ड दर्ज हैं.

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क्या है पूरा मामला? क्यों भड़का गुस्सा?

ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में पानी के कनेक्शन (टी लगाने) की मांग को लेकर लंबे समय से आमरण अनशन और धरना चल रहा था. सरकार के नुमाइंदे सोमेश के दखल के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने 'टी' (T-Connection) लगा दी थी, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई थी और उन्होंने अपना अनशन भी खत्म कर दिया था. लेकिन इसके तुरंत बाद प्रशासन ने यू-टर्न लेते हुए उस टी-कनेक्शन को फिर से उखाड़ दिया. ग्रामीणों ने इसे बीजेपी सरकार का एक बड़ा 'सरकारी षड्यंत्र' करार दिया है. सरपंच का कहना है कि सरकार ने ही टी लगवाई और फिर सरकार ने ही उसे खुद उखाड़कर हमारे साथ धोखा किया.

हम गिरफ्तारी देने गए थे, पुलिस ने दागे गोले

चानोत गांव के सरपंच ने रात की आपबीती बताते हुए कहा, "मैं खुद एसपी (SP) साहब से फोन पर बात कर रहा था कि हम कोई टकराव नहीं चाहते. हमारा पूरा गांव शांतिपूर्वक गिरफ्तारी देने के लिए तैयार था. हम खाली हाथ टी-पॉइंट पर पहुंचे थे, लेकिन पुलिस बल ने आते ही हमें पीछे हटने की चेतावनी दी और अचानक आंसू गैस के गोले दागने शुरू कर दिए. पुलिस की कार्रवाई इतनी भयानक थी कि आंसू गैस के बम लोगों के घरों के आंगन में जाकर गिरे, जिससे छोटे बच्चों और महिलाओं का दम घुटने लगा."

महिलाओं के साथ गाली-गलौच

ग्रामीणों का सबसे बड़ा गुस्सा पुलिस के व्यवहार को लेकर है. प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि एसपी और उनकी फोर्स ने हमारी माता-बहनों के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाई है. उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और जाते-जाते बेहद गंदे और अमर्यादित इशारे किए गए. ग्रामीणों का दावा है कि उनके पास रात की घटना के पुख्ता वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं.

एसपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर ग्रामीणों का पलटवार

दूसरी तरफ, हिसार के एसपी ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि चानोत गांव को पहले भी पानी मिल रहा था और आगे भी मिलता रहेगा. एसपी के मुताबिक, सिर्फ 4 से 5 लोग ऐसे हैं जो जानबूझकर इस धरने को खत्म नहीं होने देना चाहते. साथ ही पुलिस ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों की तरफ से भी हमला किया गया, जिसमें 2 से 3 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

एसपी के इस बयान पर पलटवार करते हुए ग्रामीणों ने कहा, "एसपी साहब सरासर झूठ बोल रहे हैं. हमारी मांगे पूरी हो गई थीं, इसलिए हमने अनशन तोड़ा था. पुलिसकर्मियों के घायल होने का सिर्फ ड्रामा किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि हमारे पास कोई लाठी या हथियार नहीं थे. इस धोखे के बाद अब चानोत गांव ने सरकारी नुमाइंदों के हुक्के-पानी और गांव में एंट्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया है." गांव में इस वक्त तनाव का माहौल बना हुआ है.

 

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