जाटों पर टिप्पणी करने वाले Geetu Tanwar के खिलाफ फूटा, झोटा और लट्ठ लेकर दिया खुला चैलेंज

सोनीपत में बिजली विभाग के अधिकारी द्वारा जाट समाज पर की गई टिप्पणी के विरोध में किसानों ने महापंचायत की. प्रदर्शनकारी झोटा और लट्ठ लेकर पहुंचे और अधिकारी की गिरफ्तारी व सार्वजनिक माफी की मांग की.

हरियाणा न्यूज
हरियाणा न्यूज

न्यूज तक डेस्क

follow google news

हरियाणा के सोनीपत में बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी (SC) द्वारा जाट समाज के खिलाफ की गई कथित विवादित टिप्पणी को लेकर बवाल खड़ा हो गया है. अधिकारी के वायरल वीडियो से नाराज जाट समाज और किसान संगठनों ने सोनीपत की छोटूराम धर्मशाला में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया. इस पंचायत की सबसे खास बात यह रही कि किसान अपने साथ एक 'झोटा' (भैंसा) और 'लट्ठ' लेकर पहुंचे और अधिकारी को खुला चैलेंज दिया.

Read more!

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, तीन दिन पहले सोनीपत बिजली बोर्ड के एससी गीतू तंवर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. आरोप है कि इस वीडियो में वह कथित तौर पर 'जाट और झोटा' को लेकर आपत्तिजनक बातें कह रहे थे और उन्हें पीटने की बात कर रहे थे. हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है और अधिकारी ने सोशल मीडिया पर माफी भी मांगी है, लेकिन समाज का गुस्सा शांत नहीं हुआ है.a

घर की माफी, माफी नहीं होती

महापंचायत में पहुंचे किसान नेताओं और खाप प्रतिनिधियों का कहना है कि अधिकारी ने घर बैठकर सोशल मीडिया पर जो माफी मांगी है, उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा. उनकी मांग है कि:

  • अधिकारी सार्वजनिक रूप से समाज के बीच आकर माफी मांगे.
  • अधिकारी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए.
  • अधिकारी की संपत्तियों की जांच की जाए कि उसने इतनी संपत्ति कैसे बनाई.

झोटा और लट्ठ लेकर अनोखा प्रदर्शन

पंचायत में जींद, पानीपत और प्रदेश के अन्य हिस्सों से किसान पहुंचे. एक किसान तो अपनी छाती पर 'जाट' गुदवाकर और अपने भैंसे (जिसका नाम अंगद बताया गया है) के साथ प्रदर्शन करने पहुंचा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अधिकारी ने जाट, झोटा और लट्ठ तीनों का नाम लिया था, इसलिए वे तीनों चीजें लेकर आए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अधिकारी सामने आकर माफी नहीं मांगता, प्रदर्शन जारी रहेगा.

राजनीति और साजिश का आरोप

किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि यह सरकार की एक सोची-समझी साजिश है ताकि किसानों का ध्यान मंडियों की समस्याओं और अन्य जरूरी मुद्दों से भटकाया जा सके. उन्होंने कहा कि समय-समय पर समाज में नफरत फैलाने के लिए ऐसे बयान दिलवाए जाते हैं, ताकि भाईचारा खराब हो.

 

    follow google news