Kuldeep Bishnoi meeting with CM Nayab Saini: हरियाणा की सियासत में 'चिंगारी को अंगार बनने से पहले थाम लेना ही असली नेतृत्व है.' कुछ ऐसा ही दांव हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चला है. आदमपुर में बिश्नोई परिवार के होने वाले बड़े शक्ति प्रदर्शन से ठीक पहले सीएम सैनी अचानक दिल्ली स्थित कुलदीप बिश्नोई के आवास पर पहुंच गए. दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में लंबी बातचीत हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने बिश्नोई परिवार के साथ लंच भी किया.
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दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भजन लाल के प्रेरणा स्थल (आदमपुर) पर 3 जून को कुलदीप बिश्नोई ने अपने तमाम समर्थकों और कार्यकर्ताओं की एक बड़ी बैठक बुलाई थी. माना जा रहा था कि पिछले कुछ समय से बीजेपी से नाराज चल रहे कुलदीप बिश्नोई यहां कोई बड़ा और कड़ा फैसला ले सकते हैं, जिससे बीजेपी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था. लेकिन इस बगावत की आंच सुलगने से पहले ही सीएम सैनी ने खुद पहल कर 'लंच डिप्लोमेसी' के जरिए रायता फैलने से रोक लिया.
क्यों नाराज था बिश्नोई परिवार?
कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी की वजह भारतीय जनता पार्टी द्वारा उन्हें बैक-टू-बैक दिए गए झटके थे:
बेटे को मंत्री न बनाना: कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद उनके बेटे भव्य बिश्नोई चुनाव जीते, लेकिन उन्हें कैबिनेट में जगह नहीं मिली.
चुनावी झटका: इसके बाद आदमपुर के अपने अभेद्य किले से भव्य बिश्नोई चुनाव हार गए, जिसने पांच दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया.
टिकट न मिलना: लोकसभा चुनाव में हिसार से टिकट न मिलना और फिर राज्यसभा चुनाव में भी उन्हें मौका न देकर रेखा शर्मा को आगे बढ़ाना.
रेखा शर्मा का बयान: बीजेपी नेता रेखा शर्मा ने पंचकूला में एक बयान के दौरान पूर्व सीएम चौधरी भजन लाल और चंद्रमोहन पर 'बदमाशी से चुनाव जीतने' की टिप्पणी कर दी थी, जिससे बिश्नोई समर्थक भड़क उठे थे.
मुलाकात के बाद बदले कुलदीप के सुर, सोशल मीडिया पर लिखी ये बात
मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात और बंद कमरे की चर्चा के बाद कुलदीप बिश्नोई के तेवर काफी नरम नजर आए. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए मुख्यमंत्री की जमकर तारीफ की. बिश्नोई ने लिखा, "नायब जी एक अत्यंत मिलनसार, मृदुभाषी और सरल व्यक्तित्व के धनी हैं. उनसे मिलकर सदैव आत्मीयता और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है. आज उनसे पारिवारिक एवं विभिन्न राजनीतिक विषयों पर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई."
क्या मान गए बिश्नोई? ये हैं पर्दे के पीछे के 3 बड़े कारण:
1. सीएम का खुद चलकर आना: बतौर मुख्यमंत्री नायब सैनी दूसरी बार कुलदीप बिश्नोई को मनाने खुद उनके दिल्ली आवास पहुंचे. सैनी की यही सादगी बिश्नोई को प्रभावित कर गई.
2. रेखा शर्मा की माफी: रेखा शर्मा ने बिश्नोई परिवार पर दिए अपने विवादित बयान पर माफी मांग ली है.
3. मोहन लाल बड़ौली की छुट्टी: जिस प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली की औकात पर कुलदीप बिश्नोई ने सवाल उठाए थे, पार्टी ने उन्हें हटाकर नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है.
किसने निभाई इस 'पैच-अप' में पुल की भूमिका?
इस पूरी सीक्रेट और हाई-प्रोफाइल मुलाकात को फिक्स कराने के पीछे बीजेपी विधायक रणधीर पनिहार का नाम सामने आ रहा है. पनिहार, कुलदीप बिश्नोई के बेहद करीबी माने जाते हैं और इस मुलाकात के दौरान भी वे सीएम सैनी के साथ मौजूद थे.
हालांकि, कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी पूरी तरह दूर हुई है या नहीं, इसका असली फैसला 3 जून को आदमपुर की बैठक में समर्थकों के सामने दिए जाने वाले उनके बयान से साफ होगा.
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