Haryana Politics: कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास की CM सैनी और खट्टर से मुलाकात, क्या मेवात में खिलेगा कमल?

पुन्हाना से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास की सीएम नायब सैनी और मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई बैक-टू-बैक मुलाकातों ने उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा तेज कर दी है. राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद इलियास की सक्रियता मेवात के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है.

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सोनिया सत्यानीता

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हरियाणा की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है, खासकर मेवात इलाके के सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं. पुन्हाना से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास की पिछले 24 घंटों के भीतर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से हुई मुलाकातों ने नई चर्चा छेड़ दी है. राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद इन मुलाकातों को इलियास के पाला बदलने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

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24 घंटे में दो बड़ी मुलाकातें

बुधवार रात को मोहम्मद इलियास ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर नायब सिंह सैनी से मुलाकात की. इसके तुरंत बाद उनकी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ भी तस्वीरें सामने आईं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन तस्वीरों में विधायक मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं, जिसने राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म कर दिया है.

सेहत और सहारे पर उठ रहे सवाल

दिलचस्प बात यह है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान जब मोहम्मद इलियास वोट डालने पहुंचे थे, तब वह काफी बीमार नजर आ रहे थे और दो लोग उन्हें सहारा देकर चला रहे थे. इलाके में भी उनकी खराब सेहत की चर्चा रहती है, लेकिन मुख्यमंत्री आवास पर वह बिना किसी सहारे के खड़े और खुश नजर आए. लोग अब सोशल मीडिया पर सवाल पूछ रहे हैं कि "विधायक साहब, आखिर क्या छिपा रहे हैं?"

मेवात में बीजेपी की पैठ?

मेवात (नुह) इलाका पारंपरिक रूप से बीजेपी का कड़ा विरोधी रहा है. यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस और इनेलो के बीच ही देखने को मिलता है. हालांकि, हाल ही में नूंह से विधायक मोहम्मद इजराइल और पुन्हाना से मोहम्मद इलियास के बदले हुए सुरों ने बीजेपी के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं. हाल ही में मोहम्मद इजराइल की सुरक्षा बढ़ाई गई है, जिसके बाद अब इलियास ने भी अपनी जान को खतरा बताते हुए सरकार से सुरक्षा की मांग की है.

कांग्रेस के नोटिस पर चुप्पी

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने मोहम्मद इलियास को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया था, लेकिन अभी तक उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया है. इन मुलाकातों पर बात करने के लिए जब पत्रकारों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो उनका फोन स्विच ऑफ मिला और वह अपने आवास पर भी उपलब्ध नहीं थे.

अब देखना यह होगा कि क्या इलियास जल्द ही 'हाथ' का साथ छोड़कर 'कमल' थामेंगे और क्या बीजेपी मेवात जैसे चुनौतीपूर्ण इलाके में अपनी जड़ें मजबूत कर पाएगी.

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