हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले सूबे की सियासत में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. साढौरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक रेनू बाला के पति और उनके राजनीतिक रणनीतिकार ऋषिपाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने व्यासपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में ऋषिपाल को भगवा पटका पहनाकर पार्टी में शामिल किया. हालांकि, इस दौरान खुद विधायक रेनू बाला मंच पर नजर नहीं आईं.
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हुड्डा गुट पर लगाया बड़ा आरोप, सैलजा को बताया वजह
बीजेपी में शामिल होने के बाद ऋषिपाल ने सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "हम हमेशा से कुमारी सैलजा गुट से जुड़े रहे हैं. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सैलजा जी को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए हमारे ऊपर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का झूठा आरोप लगाया था. जब हुड्डा साहब ने यह आरोप हम पर मढ़ ही दिया, तो हमने सोचा कि क्यों न अब इस आरोप को सच कर दिया जाए और इसका फायदा उठाया जाए."
साढौरा के लिए मिले 5 करोड़, बदला सियासी समीकरण
ऋषिपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने साढौरा हलके के विकास के लिए सभी प्रमुख मांगों को मंजूर कर लिया है और ₹5 करोड़ की अतिरिक्त राशि भी जारी की है. राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को कुमारी सैलजा के लिए एक तगड़ा झटका माना जा रहा है.
दिलचस्प बात यह रही कि इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता बलवंत सिंह भी मौजूद थे, जिन्हें विधायक रेनू बाला पिछले दो चुनावों में लगातार हरा चुकी हैं. अब दोनों धुर विरोधियों के एक साथ आने से साढौरा सीट पर टिकट की दावेदारी के नए समीकरण बनने तय हैं. इस एंट्री के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या आने वाले दिनों में विधायक रेनू बाला भी खुद बीजेपी का दामन थाम लेंगी.
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