हरियाणा की राजनीति में भूचाल: राज्यसभा चुनाव में 'क्रॉस वोटिंग' पर बरसे रणजीत चौटाला, विधायकों के आचरण को बताया निंदनीय

रणजीत सिंह चौटाला ने राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को लोकतंत्र का अपमान बताते हुए विधायकों के आचरण की कड़ी निंदा की है. उन्होंने संकेत दिया कि क्षेत्रीय दलों का दौर खत्म हो रहा है और वे अपने अगले बड़े राजनीतिक कदम का ऐलान सभी जिलों का दौरा पूरा करने के बाद एक बड़ी रैली में करेंगे.

रणाजीत चौटाला
रणाजीत चौटाला

न्यूज तक डेस्क

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हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई 'क्रॉस वोटिंग' और राजनीतिक तोड़-फोड़ को लेकर पूर्व बिजली मंत्री और वरिष्ठ नेता रणजीत सिंह चौटाला ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने विधायकों के इस तरह के आचरण को लोकतंत्र के लिए घातक बताया है. रणजीत चौटाला ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर जनभावनाओं का मजाक बनाकर वोट बिकने लग जाएं, तो यह राजनीति का सबसे निचला स्तर है.

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"वोट बिकना राजनीति का सबसे गंदा काम"

रणजीत सिंह चौटाला ने विधायकों की खरीद-फरोख्त और क्रॉस वोटिंग पर दुख जताते हुए कहा कि आम जनता मई-जून की तपती धूप में बूथों पर खड़े होकर वोट डालती है. उन्होंने कहा, "विधायकों का यह आचरण बेहद निंदनीय है. अगर इस तरीके से वोट थोक में बिकने लग जाएं, तो इससे गंदा काम और कुछ नहीं हो सकता. यह हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं की नींव को कमजोर कर रहा है." उन्होंने यह भी जोड़ा कि रिश्वत लेना और देना दोनों ही पाप हैं.

रीजनल पार्टियों का दौर खत्म, भविष्य का क्या है प्लान?

हरियाणा की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए रणजीत चौटाला ने एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में अब क्षेत्रीय दलों (Regional Parties) का दौर धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है. अब मुख्य मुकाबला केवल दो ही बड़ी पार्टियों- भाजपा और कांग्रेस के बीच रह गया है.

अपने राजनीतिक भविष्य के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे अभी प्रदेश के सभी 22 जिलों का दौरा कर रहे हैं. उन्होंने अब तक 14 जिले कवर कर लिए हैं और 9 जिले अभी बाकी हैं. सभी जिलों का दौरा पूरा करने के बाद वे लाखों समर्थकों की एक बड़ी रैली करेंगे और उनके जज्बात और सेंटीमेंट्स को ध्यान में रखकर ही कोई बड़ा निर्णय लेंगे.

वैश्विक युद्ध और अर्थव्यवस्था पर चिंता

इंटरव्यू के दौरान रणजीत चौटाला ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह युद्ध 15 दिन और खिंच गया, तो इसकी भारी कीमत चुकानी होगी. डीजल और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर टूथपेस्ट से लेकर दाल-चीनी और कपड़ों तक, यानी हर उपभोग की वस्तु पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि रिफाइनरीज और ऑयल डिपो का नष्ट होना पूरी अर्थव्यवस्था को पीछे धकेलने जैसा है.

 

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