हरियाणा राज्यसभा चुनाव: वोटिंग से पहले कांग्रेस विधायकों की घेराबंदी! हुड्डा के गोलमोल जवाब- 'अपनी मर्जी से घूमने गए हैं विधायक'

Haryana Rajya Sabha Election: हरियाणा में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दावा किया कि कांग्रेस के सभी 37 विधायक एकजुट हैं और पार्टी उम्मीदवार को ही वोट देंगे. हालांकि विधायकों की बाड़ेबंदी के सवाल पर उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि विधायक अपनी मर्जी से घूमने गए हैं और 16 मार्च को वोटिंग के दिन लौट आएंगे.

Haryana Rajya Sabha Election
Haryana Rajya Sabha Election

न्यूज तक डेस्क

follow google news

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, सियासी सरगर्मी सातवें आसमान पर पहुंच गई है. विधायकों के टूटने के डर और 'क्रॉस वोटिंग' की आशंकाओं के बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है. इस बीच, कांग्रेस विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयानों ने नई चर्चा छेड़ दी है. आइए विस्तार से जानते है पूरी बात.

Read more!

37 के 37 विधायक एकजुट, 'खेला' होने का कोई डर नहीं?

विधायक दल की बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब हुए हुड्डा ने दावा किया कि उनके सभी 37 विधायक पूरी तरह से एकजुट हैं. उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, 'बैठक में 37 के 37 विधायक हाजिर थे और सबने एक सुर में कांग्रेस उम्मीदवार को वोट देने का वादा किया है.' हुड्डा यहीं नहीं रुके, उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि चुनाव के दिन कांग्रेस को 37 से भी ज्यादा वोट मिल सकते हैं, क्योंकि कुछ अन्य विधायक भी उनके संपर्क में हैं.

विधायक कहां गए? हुड्डा का अजीबोगरीब जवाब

जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या विधायकों को किसी गुप्त स्थान या 'बाड़ेबंदी' के लिए भेजा गया है, तो हुड्डा ने मुस्कुराते हुए इसे टाल दिया. उन्होंने कहा, 'मैंने किसी को कहीं नहीं भेजा है. अगर कोई विधायक अपनी मर्जी से कहीं घूमने गया है, तो मुझे नहीं मालूम. वे 16 तारीख को वोट डालने जरूर आएंगे.' जब उनसे पूछा गया कि प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष भी साथ गए हैं, तो उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा- 'क्या वे मुझसे पूछकर गए हैं? ट्रेनिंग तो मैंने यहीं दे दी थी.'

बीजेपी पर साधा निशाना: 'डर हमें नहीं, उन्हें है'

तीसरे उम्मीदवार के मैदान में आने से कांग्रेस के भीतर किसी भी तरह के डर की बात को हुड्डा ने सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि डर कांग्रेस को नहीं, बल्कि बीजेपी को है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बीजेपी आश्वस्त है, तो वे अपने विधायकों को 14 तारीख को ही क्यों बुला रहे हैं? हुड्डा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का कोई भी विधायक किसी के दबाव में आने वाला नहीं है.

वोटिंग के दिन 'चेकिंग' की तैयारी

हुड्डा ने जानकारी दी कि राज्यसभा चुनाव के दौरान वे खुद और प्रभारी हर प्रसाद एआईसीसी (AICC) के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद रहेंगे. नियमों के मुताबिक, वोट डालने के बाद विधायक को पार्टी के अधिकृत एजेंट को अपना वोट दिखाना होता है. हुड्डा ने कहा, 'वोट दिखाने का अधिकार मेरे पास है, सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.'

16 मार्च को होगा असली फैसला

हरियाणा की राजनीति में 16 मार्च का दिन काफी अहम होने वाला है. उसी दिन दोपहर 2:00 बजे विधानसभा का सत्र भी है और उससे पहले राज्यसभा के लिए मतदान होगा. अब देखना यह है कि हुड्डा के 37 विधायकों का कुनबा सुरक्षित रहता है या फिर राज्यसभा की सीटों के लिए होने वाले इस रण में कोई 'खेला' होता है.

    follow google news