हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद मचे सियासी घमासान के बीच नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. हुड्डा ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस के पक्ष में पड़े 32 वोटों में से 4 वोटों को जानबूझकर और 'जबरदस्ती' कैंसिल किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के केवल पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, जबकि बाकी वोटों को गलत तरीके से अमान्य घोषित किया गया.
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निर्वाचन आयोग से शिकायत की तैयारी
हुड्डा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे इस पूरे मामले की शिकायत निर्वाचन आयोग (Election Commission) से करेंगे. उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर (RO) की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वैलिड वोटों को कैंसिल करना गलत था. हुड्डा ने अभय चौटाला के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और क्रॉस वोटिंग करने वाले पांचों विधायकों को पार्टी पहले ही नोटिस दे चुकी है.
मोहम्मद इलियास और मुख्यमंत्री की मुलाकात पर तंज
कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास की मुख्यमंत्री नायब सैनी और पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर से हुई मुलाकातों और वायरल फोटो पर जब हुड्डा से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कड़ा रुख अपनाया. हुड्डा ने कहा, 'जब क्रॉस वोटिंग हो चुकी और नाम सामने आ चुका, तो अब आगे क्या करेंगे, यह पार्टी तय करेगी.' उन्होंने साफ संकेत दिए कि अनुशासनहीनता करने वाले विधायकों को विधायक दल की बैठकों से दूर रखा जा सकता है. हुड्डा ने कहा कि जब तक पार्टी कोई अंतिम फैसला नहीं ले लेती, तब तक ऐसे विधायकों को बुलाने का कोई औचित्य नहीं है.
30 मार्च की दिल्ली बैठक पर नजर
कांग्रेस ने बागियों और क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर कार्रवाई के लिए 30 मार्च को दिल्ली में एक अहम बैठक बुलाई है. हुड्डा ने बताया कि हाईकमान की इस बैठक में अनुशासन समिति की रिपोर्ट और विधायकों के जवाबों पर चर्चा की जाएगी. उन्होंने विपक्षी दलों, विशेषकर इनेलो (INLD) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपना स्टैंड पहले साफ करना चाहिए था. फिलहाल, हुड्डा के इस बयान ने हरियाणा की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है कि क्या कांग्रेस के अंदरूनी कलह का फायदा बीजेपी को मिल रहा है.
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