राज्यसभा चुनाव: हरियाणा में 'खेला' फेल, दीपेंद्र हुड्डा का भाजपा पर तीखा हमला- 'रात के अंधेरे में हुई लोकतंत्र की हत्या की कोशिश'

Haryana Rajya Sabha Election: हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया है. साथ ही उन्होंने क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर कार्रवाई की बात भी कही है. जानिए कैसे ‘क्रॉस वोटिंग’ और रणनीति के आरोपों के बीच सियासी घमासान तेज हुआ.

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हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद दीपेंद्र हुड्डा पर भाजपा पर बोला तीखा हमला

न्यूज तक डेस्क

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हरियाणा राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है. कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर कोल की जीत के बाद सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा है. हुड्डा ने भाजपा पर 'साम-दाम-दंड-भेद' अपनाकर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा ने हर वो हथकंडा अपनाया जिससे जनादेश को चोरी किया जा सके, लेकिन कांग्रेस के ईमानदार विधायकों ने इस साजिश को नाकाम कर दिया. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.

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भाजपा का 'प्लान-ए' और 'प्लान-बी' हुआ फेल

दीपेंद्र हुड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुलासा किया कि भाजपा ने इस सीट को हासिल करने के लिए व्यापक प्लानिंग की थी. उन्होंने कहा कि गुजरात के पूर्व उपमुख्यमंत्री को बतौर ऑब्जर्वर हरियाणा भेजना इस बात का प्रमाण था कि भाजपा हाईकमान किसी भी सूरत में यह सीट जीतना चाहता था. हुड्डा के अनुसार, भाजपा का 'प्लान-ए' कांग्रेस के 8-9 विधायकों से क्रॉस वोटिंग कराना था, और जब वह पूरी तरह सफल नहीं हुआ, तो उन्होंने इनेलो (INLD) को अपनी 'बी-टीम' के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की.

इनेलो पर साधा निशाना- 'मैदान छोड़कर भाग गई बी-टीम'

हुड्डा ने इनेलो पर हमला बोलते हुए कहा कि वह पूरी तरह भाजपा के इशारों पर काम कर रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि इनेलो ने चुनाव के दिन आखिरी वक्त पर प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों रखी? हुड्डा के मुताबिक, जब इनेलो और भाजपा को समझ आ गया कि कांग्रेस के पक्ष में 30 से ज्यादा वोट पड़ चुके हैं और उनकी हार तय है, तब इनेलो ने चुनाव प्रक्रिया से बाहर रहने की घोषणा की और मैदान छोड़कर भाग गई.

चुनाव आयोग के अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप

दीपेंद्र हुड्डा ने चुनाव अधिकारी (RO) पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि जब भाजपा संख्या बल नहीं जुटा पाई, तो उन्होंने प्रशासन का दुरुपयोग कर कांग्रेस की 4 वैध वोटों को जबरदस्ती कैंसिल करने की कोशिश की. हुड्डा ने इसे 'चंडीगढ़ मेयर चुनाव जैसी वोट चोरी' करार दिया और कहा कि अधिकारी भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे थे. उन्होंने बताया कि उनके काउंटिंग एजेंट ने मौके पर इसका कड़ा विरोध किया था.

क्रॉस वोटिंग करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

वीडियो में दीपेंद्र हुड्डा ने स्पष्ट किया कि जिन विधायकों ने पार्टी के साथ गद्दारी की और क्रॉस वोटिंग की, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि संगठन अपना काम करेगा, लेकिन जनता भी आने वाले समय में उन्हें माफ नहीं करेगी. वहीं, हुड्डा ने उन विधायकों को 'लोकतंत्र का नायक' बताया जो हर तरह के प्रलोभन, डर और दबाव के बावजूद कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहे.

'यह संविधान और साधारण कार्यकर्ता की जीत है'

हुड्डा ने अंत में कहा कि भाजपा ने उनके उम्मीदवार को कमजोर बताकर उनका मजाक उड़ाया था, लेकिन हरियाणा के विधायकों ने एक साधारण सामाजिक कार्यकर्ता को चुनकर अहंकारी सत्ता को जवाब दिया है. उन्होंने इसे बाबा साहब अंबेडकर के संविधान और लोकतंत्र की जीत बताया और कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में लोकतंत्र को बचाने की यह लड़ाई जारी रखेगी.

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