पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने राज्यसभा चुनाव के परिणामों और वोटिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच "मिलीजुली गेम" होने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि आज प्रजातंत्र पर "मनी तंत्र" हावी होता दिख रहा है.
ADVERTISEMENT
भूपेंद्र हुड्डा की विफलता पर उठाए सवाल
दुष्यंत चौटाला ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को घेरते हुए कहा कि जो व्यक्ति 10 साल प्रदेश का मुख्यमंत्री रहा हो, उसके साथ के 9 सदस्य उसे छोड़ जाएं, इससे बड़ी विफलता और क्या हो सकती है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हुड्डा के बेटे के चुनाव के समय बीजेपी ने उम्मीदवार खड़ा नहीं किया था, लेकिन इस बार बीजेपी ने निर्दलीय उम्मीदवार को जीत की दहलीज तक पहुंचाया. उन्होंने यह भी कहा कि अगर बीजेपी का एक वोट कैंसिल न होता, तो कांग्रेस यह चुनाव हार चुकी होती.
इनेलो की वोटिंग से दूरी पर निशाना
इनेलो (INLD) द्वारा वोटिंग में हिस्सा न लेने और दूरी बनाए रखने पर दुष्यंत ने कहा कि वोट देना सबका अधिकार है, लेकिन इससे पीछे हटना साफ दिखाता है कि कहीं न कहीं अंदरखाने कोई "अंडरस्टैंडिंग" या मिलीभगत थी. उन्होंने कहा कि हमने चौधरी देवीलाल और चौटाला साहब से सीखा है कि किसी को जवाब देना हो तो "वोट की चोट" से देना चाहिए, लेकिन इनेलो में वह दम नहीं दिखा कि वे वोट की चोट मार सकें.
बीजेपी को बताया 'मास्टर'
दुष्यंत चौटाला ने देश के मौजूदा राजनीतिक हालातों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में भी विधायकों की खरीद-फरोख्त जिस तरह से हो रही है, वह साफ दर्शाता है कि भारतीय जनता पार्टी इसमें "मास्टर" बन चुकी है.
ADVERTISEMENT


