Haryana Rajya Sabha Election: 'मैं 200% जीतूंगा!' राज्यसभा चुनाव से पहले निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल का बड़ा दावा, क्या बिगड़ेगा कांग्रेस का खेल?

Haryana Rajya Sabha Election: हरियाणा में राज्यसभा चुनाव से पहले निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि वे '200% जीतेंगे.' नांदल का कहना है कि उन्होंने विधानसभा के सभी 90 विधायकों से समर्थन मांगा है और कई दलों के विधायकों से सकारात्मक संकेत मिले हैं. आइए विस्तार से जानते है पूरी बात.

Haryana Rajya Sabha Election
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न्यूज तक डेस्क

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हरियाणा में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी अपने चरम पर है. इसी बीच निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने अपनी जीत को लेकर बड़ा दावा ठोक दिया है. जहां एक तरफ कांग्रेस अपने 37 विधायकों की एकजुटता का दम भर रही है, वहीं नांदल का आत्मविश्वास बता रहा है कि पर्दे के पीछे कोई बड़ा 'खेला' हो सकता है. सतीन नांदल ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि वे चुनाव जीत रहे हैं. 

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90 के 90 विधायकों से की है प्रार्थना

मीडिया से बातचीत के दौरान जब सतीश नांदल से नंबर गेम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे नंबरों के फेर में नहीं पड़ते. उन्होंने बताया, 'विधानसभा में 90 के 90 विधायक मेरे भाई-बहन हैं और मैंने उन सभी से वोट के लिए प्रार्थना की है.' जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस तो अपनी जीत पक्की बता रही है, तो नांदल ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे निर्दलीय हैं और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि जीत उनकी ही होगी.

INLD के वोटिंग पर क्या बोले नांदल?

सतीश नांदल ने इनेलो (INLD) के विधायकों को लेकर भी बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने इनेलो के विधायकों से मुलाकात की है और उन्हें वोट डालने का भरोसा मिला है. हालांकि, जब पत्रकारों ने याद दिलाया कि इनेलो चुनाव का बहिष्कार भी कर सकती है, तो नांदल ने कहा, 'वह उनकी पार्टी का अपना सिस्टम है, लेकिन मेरी उनसे जो बात हुई है, उसके मुताबिक वे वोट डालेंगे.' उन्होंने अभय चौटाला से भी संपर्क करने की बात स्वीकार की.

'200% जीतूंगा, आप कैलकुलेशन करते रहिए'

जीत के लिए जरूरी 31 वोटों के आंकड़े पर जब सतीश नांदल को घेरा गया, तो उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि वे अपनी जीत को लेकर 200% आश्वस्त हैं. उन्होंने पत्रकारों से चुटकी लेते हुए कहा, 'कैलकुलेशन करना आप लोगों का काम है, मेरा काम चुनाव जीतना है और मैं यह चुनाव जीतूंगा.' 

क्या क्रॉस वोटिंग का है डर?

नांदल के बयानों से साफ है कि वे निर्दलीय होने के बावजूद सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों खेमों में सेंधमारी की उम्मीद लगाए बैठे हैं. 'क्रॉस वोटिंग' शब्द का इस्तेमाल किए बिना उन्होंने संकेत दिया कि व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर उन्हें कई दलों के विधायकों का समर्थन मिल सकता है. अब देखना यह है कि 16 मार्च को होने वाली वोटिंग में नांदल का यह 'कॉन्फिडेंस' हकीकत में बदलता है या नहीं.

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