हरियाणा की सियासत में राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर भूचाल ला दिया है. कांग्रेस के भीतर मचे घमासान और 'भीतरघात' की खबरों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है. मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुड्डा के तेवर बेहद तल्ख नजर आए. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी के जिन 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर बीजेपी की मदद की है, उनके नाम न केवल चिन्हित कर लिए गए हैं, बल्कि पूरी रिपोर्ट के साथ दिल्ली दरबार यानी कांग्रेस हाईकमान को भेज दिए गए हैं.
ADVERTISEMENT
'गद्दारों ने जनता को धोखा दिया'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुड्डा ने उन विधायकों पर तीखा हमला बोला जिन्होंने चुनाव में पार्टी लाइन से हटकर वोट किया. उन्होंने कहा, 'ये गद्दार हैं. इन्होंने सिर्फ पार्टी या मेरे साथ ही नहीं, बल्कि उन लोगों के साथ भी धोखा किया है जिन्होंने इन्हें चुनकर भेजा है.' हुड्डा ने मांग की कि जिन विधायकों ने क्रॉस वोट किया है, उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने विधायक पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.
कौन हैं वो 5 विधायक?
हालांकि हुड्डा ने अनुशासन का हवाला देते हुए आधिकारिक तौर पर नामों की घोषणा नहीं की, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि हाईकमान को सब सूचित कर दिया गया है. सोशल मीडिया पर शैली चौधरी, रेनू बाला, जयवीर सिंह, मोहम्मद इलियास और मोहम्मद इजराइल के नाम चर्चा में हैं. जब पत्रकारों ने इन नामों के बारे में पूछा, तो हुड्डा ने न तो इनका खंडन किया और न ही समर्थन, बल्कि कहा कि 'पार्टी को सब मालूम है और 4-5 दिनों में एक्शन के साथ नाम सबके सामने आ जाएंगे.'
कुलदीप वत्स को दी 'क्लीन चिट'
हुड्डा ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का खंडन किया जिनमें विधायक कुलदीप वत्स का नाम क्रॉस वोटिंग में घसीटा जा रहा था. हुड्डा ने बताया कि उन्होंने खुद कुलदीप वत्स का वोट देखा था और उन्होंने कांग्रेस को ही वोट दिया है.
लोकतंत्र की हत्या का आरोप
हुड्डा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने हर राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों के वोट रद्द कराने या चोरी करने की कोशिश की है. उन्होंने इसे 'मर्डर ऑफ डेमोक्रेसी' (लोकतंत्र की हत्या) करार दिया. उन्होंने परमवीर जी की वोट कैंसिल होने को लेकर भी सवाल उठाए और इसे प्रजातंत्र का गला घोंटने जैसा बताया.
अगले 5 दिन अहम
हुड्डा ने विश्वास दिलाया कि पार्टी इस अनुशासनहीनता को हल्के में नहीं लेगी. उन्होंने कहा कि शिष्टाचार और पार्टी अनुशासन के कारण वे अभी नाम उजागर नहीं कर रहे हैं, लेकिन जल्द ही हाईकमान की ओर से बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी.
ADVERTISEMENT


