हरियाणा के सिरसा जिले में खाकी को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है. जिस पुलिस महकमे ने कुछ दिन पहले साढ़े चार करोड़ रुपये की अफीम पकड़कर अपनी पीठ थपथपाई थी, अब उसी महकमे के पुलिसवाले बरामद माल में से अफीम चोरी करते और उसे बेचते पकड़े गए हैं. इस संगीन मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस कप्तान (SP) ने कड़ा एक्शन लेते हुए डींग थाने के थाना प्रभारी (SHO) और जांच अधिकारी (ASI) को बर्खास्त कर दिया है, जबकि एक डीएसपी (DSP) का तबादला कर दिया गया है.
ADVERTISEMENT
क्या है पूरा मामला?
बीती 10 जून को सिरसा की डींग थाना पुलिस और राजस्थान के जोधपुर की संयुक्त टीम ने नेशनल हाईवे-9 पर भाउद्दीन टोल प्लाजा के पास एक नाकेबंदी की थी. इस दौरान जम्मू-कश्मीर नंबर के एक ट्रक को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई तो ट्रक के नीचे लोहे के एंगल से बनाए गए एक गुप्त केबिन से 90 किलो 970 ग्राम अफीम बरामद हुई.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 4.5 करोड़ रुपये आंकी गई थी. पुलिस ने इसे राज्य में नशा तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कामयाबियों में से एक बताया था. ट्रक ड्राइवर किशन राम (निवासी पाली, राजस्थान), ट्रक मालिक गगनदीप सिंह (निवासी जम्मू-कश्मीर) और मुख्य सप्लायर सुखराम को गिरफ्तार कर लिया गया था.
ऐसे हुआ खेल और खुलासा
इस बड़ी कामयाबी के बाद मामले की जांच डींग थाने में तैनात असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) रणबीर सिंह को सौंपी गई थी. लेकिन चंद पैसों के लालच में आकर एएसआई रणबीर सिंह ने बरामद खेप में से 1 किलो 30 ग्राम अफीम गायब कर दी, जिसकी बाजार में कीमत करीब 4 लाख रुपये है. इस हेराफेरी का खुलासा तब हुआ जब मालखाने में रखे पैकेट की सील टूटी हुई मिली और गुप्त सूत्रों से पुलिस के आला अधिकारियों को इसकी भनक लगी.
जांच में सामने आया कि एएसआई रणबीर सिंह ने यह चोरी की गई अफीम फतेहाबाद के बनगांव निवासी अपने एक दोस्त शमशेर सिंह को बेच दी थी. शमशेर इसे अपने लकवाग्रस्त पिता के इलाज के नाम पर लेकर गया था. फतेहाबाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए शमशेर को 58 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार कर लिया है.
दो पुलिसकर्मी बर्खास्त, DSP नपे
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिरसा पुलिस ने आरोपी एएसआई रणबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया और उसे तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त (Dismiss) कर दिया है. इसके साथ ही, लापरवाही और संलिप्तता के आरोप में डींग थाना के एसएचओ (SHO) इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. वहीं, इलाके के डीएसपी का नूंह जिले में तबादला (पनिशमेंट पोस्टिंग) कर दिया गया है.
अब NCB करेगी जांच
सिरसा पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे मामले को अब आगे की निष्पक्ष जांच के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) चंडीगढ़ को ट्रांसफर कर दिया गया है. पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी या बरामदगी में हेराफेरी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा.
ADVERTISEMENT


