हरियाणा के हिसार जिले से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक मूल्यों को ताक पर रखकर एक 42 वर्षीय शख्स अपनी 50 साल की गर्लफ्रेंड के साथ फरार हो गया है. आरोपी व्यक्ति पांच बच्चों का पिता है और उसकी शादी को करीब 20 साल हो चुके थे. पति के इस कदम के बाद उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. पीड़िता अब अपने पांच बच्चों का पेट पालने के लिए ई-रिक्शा चलाने को मजबूर है. यह पूरा मामला हिसार जिले के गंगवा गांव का है, जहां पीड़िता माया देवी अपने परिवार के साथ रहती है.
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शादी के 20 साल बाद खुला पति का राज
गंगवा गांव की रहने वाली माया देवी की शादी करीब 20 साल पहले विजय नाम के व्यक्ति से हुई थी. विजय पेशे से ड्राइवर है और इस शादी से उनके पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन लड़कियां और दो लड़के शामिल हैं. माया देवी को 20 जून को पता चला कि उसके पति विजय का ऋषि नगर की रहने वाली कमलेश नाम की एक महिला के साथ अफेयर चल रहा है. माया के देवर और उनके बड़े बेटे को इस बात की जानकारी काफी समय से थी. जब माया ने कमलेश के पड़ोसियों और मकान मालिक से पूछताछ की, तो पता चला कि विजय पिछले कई महीनों से वहां आता-जाता था. हद तो तब हो गई जब माया को पता चला कि उसका पति अपने बड़े बेटे को कमलेश के पास भेजता था और कहता था कि यह तुम्हारी दूसरी मां है और मेरी सेटिंग है.
पूछताछ करने पर रात 11 बजे प्रेमिका संग हुआ फरार
जब माया देवी को इस अवैध संबंध की पूरी सच्चाई पता चली, तो उसने कमलेश के घर जाकर उससे बात की. शुरुआत में कमलेश ने इन आरोपों से इनकार किया और विजय को अपना भाई बताया, लेकिन बाद में उसने माया को उलटे-सीधे ताने मारे और कहा कि अगर तुम्हारा पति तुमसे नहीं संभलता तो वह मेरे पास ही आएगा. इस बात को लेकर जब माया ने अपने पति विजय से घर पर रात को कड़ा ऐतराज जताया और दोनों के बीच लड़ाई-झगड़ा हुआ, तो विजय ने अपनी गलती मानने के बजाय एक खौफनाक कदम उठाया. वह उसी रात करीब 11:00 बजे घर से निकल गया और अपनी 50 वर्षीय प्रेमिका कमलेश को साथ लेकर फरार हो गया. 20 तारीख के बाद से ही दोनों का कोई अता-पता नहीं है और दोनों के मोबाइल नंबर भी लगातार बंद आ रहे हैं.
ई-रिक्शा चलाकर बच्चों का पेट पाल रही पीड़ित पत्नी
पति के फरार होने के बाद माया देवी के सामने पांच बच्चों की परवरिश का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है. माया देवी जिस मकान में रहती हैं वह किराए का है और उन्हें हर महीने 25 हजार रुपये किराया देना पड़ता है. इसके अलावा घर में खड़ी गाड़ी की किस्तें भी बाकी हैं. हालात इतने खराब हैं कि माया को रात के समय उधार में आटा लाकर बच्चों का पेट भरना पड़ रहा है. खुद को और बच्चों को जिंदा रखने के लिए माया अब सड़कों पर ई-रिक्शा चला रही हैं. उन्होंने रोते हुए बताया कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह बच्चों की देखभाल करें, ई-रिक्शा चलाएं या घर का भारी-भरकम खर्च निकालें. इन सबके बावजूद माया का कहना है कि वह अपने बच्चों के भविष्य के लिए पति की हर भूल-चूक माफ करने को तैयार हैं, बस वह एक बार घर लौट आए और अपने परिवार को संभाल ले.
आरोपी महिला का आपराधिक इतिहास और पुलिस का रवैया
पीड़ित पत्नी माया देवी ने बताया कि उसका पति अक्सर उसके साथ मारपीट और कूट-मार किया करता था. वहीं जिस कमलेश नाम की महिला के साथ विजय भागा है, उसकी पहले ही दो शादियां हो चुकी हैं और विजय उसका तीसरा आदमी है, जिसके साथ उसका चक्कर चल रहा था. कमलेश की एक 16-17 साल की बेटी है, जिसे उसने भागने से एक दिन पहले ही हरिद्वार भेज दिया था ताकि वह रास्ते का रोड़ा न बने. इस पूरे मामले को लेकर लाचार पत्नी ने हिसार के आजाद नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. हालांकि, माया का आरोप है कि पुलिस इस मामले में उन्हें बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रही है. जब वह थाने गईं तो पुलिसकर्मियों ने लापरवाही भरा जवाब देते हुए कहा कि 'तेरा पति भाग गया तो भाग गया, हम इसमें क्या कर सकते हैं, अपने बच्चे पालो.' पुलिस के इस रवैये के कारण पीड़िता दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है.
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