हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) भर्ती को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है. हाल ही में आए रिजल्ट में जनरल कैटेगरी के 60 चयनित उम्मीदवारों में से 41 बाहरी राज्यों (यूपी, बिहार, दिल्ली) के होने पर पहले ही बवाल मचा था, लेकिन अब इंटरव्यू के अंकों को लेकर एक नया और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है .
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इंटरव्यू में 'बाहरियों' पर मेहरबानी?
दैनिक भास्कर की एक इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट के अनुसार, इंटरव्यू के कुल 12.5 अंकों में से सबसे ज्यादा अंक बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को मिले हैं. आंकड़ों के मुताबिक, 8 से 9 नंबर पाने वाले 22 बच्चों में से 15 बच्चे दूसरे राज्यों के हैं. इसी तरह, 7 से अधिक अंक पाने वाले 58 बच्चों में से 22 बाहरी हैं. इस खुलासे के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या हरियाणा के मेधावी छात्रों को जानबूझकर इंटरव्यू में कम नंबर देकर भर्ती से बाहर किया गया?
हाईकोर्ट का फैसला बना नई उम्मीद
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर (इंग्लिश) की भर्ती रद्द किए जाने और चयन प्रक्रिया को 'गैरकानूनी' बताने के बाद अब हिंदी और अन्य विषयों के छात्र भी लामबंद हो रहे हैं. कोर्ट ने साफ कहा है कि राज्य सरकार यूजीसी (UGC) के नियमों को ओवररूल नहीं कर सकती. छात्र अब इसी फैसले को आधार बनाकर अन्य भर्तियों को भी चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं.
20 मई को बड़ा आंदोलन, एचपीएससी का घेराव
भर्ती प्रक्रिया में 35% की शर्त और बाहरी उम्मीदवारों के दबदबे के खिलाफ छात्र अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. आगामी 20 मई को पंचकूला में एचपीएससी मुख्यालय के घेराव की योजना बनाई गई है. छात्र गांव-गांव जाकर समर्थन जुटा रहे हैं और सरकार से सवाल कर रहे हैं कि आखिर नेट-जेआरएफ (NET-JRF) क्वालीफाइड हरियाणा के युवा एचपीएससी की स्क्रीनिंग में 35% नंबर लाने में भी 'अक्षम' कैसे हो गए?
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