हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले और सोशल मीडिया पर 'आईआईटीयन बाबा' के नाम से मशहूर अभय सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं. संन्यास और आध्यात्म की राह पर निकले अभय सिंह करीब दो साल बाद अपने घर वापस लौटे हैं, लेकिन इस बार वे अकेले नहीं हैं. अभय सिंह ने इस महाशिवरात्रि पर शादी कर ली है और अपनी पत्नी के साथ परिवार का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं.
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महाशिवरात्रि पर रचाई शादी
अभय सिंह ने बताया कि उन्होंने इसी महाशिवरात्रि को महादेव के मंदिर में विवाह संपन्न किया है. उनकी पत्नी कर्नाटक की रहने वाली हैं और वे भी आध्यात्म के मार्ग पर ही हैं. अभय के मुताबिक, उन दोनों का लक्ष्य एक ही है, इसलिए उन्होंने साथ मिलकर अपने 'कर्म' पूरे करने और आध्यात्म की यात्रा को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है.
बनाएंगे 'स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी'
भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए अभय सिंह ने बताया कि वे एक 'स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी' (आध्यात्मिक विश्वविद्यालय) बनाने पर काम कर रहे हैं. उनका उद्देश्य युवाओं को आध्यात्मिकता और साधना से जोड़ना है. इसके लिए उन्होंने तीन तरह की साधनाएं- ज्ञान योग, भक्ति साधना और एक ओरिएंटेशन कोर्स डिजाइन किया है. वे चाहते हैं कि जिस तरह अलग-अलग विषयों के लिए यूनिवर्सिटी होती है, उसी तरह एक ही छत के नीचे अलग-अलग गुरुओं के मार्गदर्शन में साधना सिखाई जाए.
मातृभूमि और अद्वैत का सिद्धांत
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अपनी मातृभूमि झज्जर के लिए कुछ विशेष करेंगे, तो उन्होंने अद्वैत का सिद्धांत समझाते हुए कहा कि उनके लिए पूरा विश्व और मानवता एक समान है. उन्होंने कहा कि यदि वे किसी एक स्थान को अधिक प्राथमिकता देंगे, तो वे आध्यात्मिक पथ पर विफल हो जाएंगे. फिलहाल वे अपनी पत्नी के साथ हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा (धर्मशाला) में रह रहे हैं और वहीं से अपनी संस्था 'श्री फाउंडेशन' के जरिए लोगों को ऑनलाइन साधना सिखा रहे हैं.
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