हरियाणा के झज्जर जिले में 15 मई की रात हितेश नाम का एक शख्स अपनी स्विफ्ट गाड़ी से कहीं जाने की तैयारी में था. वो गाड़ी का दरवाजा खोलकर अभी अंदर बैठने ही वाला था कि तभी कोसली रोड की तरफ से एक बलेनो गाड़ी आकर रुकती है. बलेनो गाड़ी में सवार अज्ञात बदमाशों ने बिना कोई वक्त गंवाए हितेश पर सीधे ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. बदमाशों ने उस पर इस कदर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं कि हितेश का शरीर पूरी तरह छलनी हो गया और वह मौके पर ही गिर गया.
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इस बीच हमलावर वारदात को अंजाम देकर तुरंत अपनी गाड़ी से मौके से फरार हो गए. इस पूरे हत्याकांड के दौरान बदमाशों की तरफ से करीब 30 राउंड फायरिंग की गई. बाद में जब पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवाया तो डॉक्टरों ने हितेश के शरीर से कुल नौ गोलियां बरामद कीं. इस ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना के बाद से पूरे सुबाना गांव और आसपास के इलाकों में भारी दहशत का माहौल बन गया है.
सोशल मीडिया पोस्ट कर ली हत्या की जिम्मेदारी
इस ब्लाइंड मर्डर केस ने पुलिस को शुरुआत में उलझा कर रख दिया था, लेकिन इसके बाद इस कहानी में दो बहुत बड़े पक्ष सामने आए. हत्याकांड के दो दिन बाद यानी 17 मई को सोशल मीडिया पर कुख्यात रोहित गोदारा गैंग की तरफ से एक पोस्ट शेयर किया गया, जिसमें इस मर्डर की पूरी जिम्मेदारी ली गई. गैंग ने अपनी पोस्ट में लिखा कि हितेश उर्फ गोलू ने पहले हमारे साथी प्रदीप और उसके भाई फौजी पर गोलियां चलाई थीं, जिसका बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया है. पोस्ट में आगे धमकी भरे लहजे में लिखा गया कि हितेश को तो केवल 30 गोलियां मारी गई हैं, लेकिन इस घटना से जुड़े बाकी दुश्मनों को 100 से ज्यादा गोलियां मारी जाएंगी. हालांकि पुलिस इस सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की जांच कर रही है.
कभी साथ घूमते थे हितेश और डिकेश
रोहित गोदारा गैंग के अलावा इस केस में एक और बेहद हैरान कर देने वाला एंगल सामने आया है, जो दो जिगरी दोस्तों की दुश्मनी से जुड़ा हुआ है. पुलिस ने इस मामले में कुल चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें मुख्य आरोपी डिकेश और प्रदीप उर्फ सिपाही सहित दो अन्य लोग शामिल हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि मरने वाला हितेश और आरोपी डिकेश कभी बहुत गहरे दोस्त हुआ करते थे. पूरे इलाके में दोनों का साथ उठना-बैठना और घूमना-फिरना था. लेकिन साल 2022 में दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई और दोस्ती गहरी रंजिश में तब्दील हो गई.
साल 2022 का वो पुराना झगड़ा
इस रंजिश की शुरुआत 13 अगस्त 2022 को हुई थी, जिसका मुकदमा माछरोली थाने में दर्ज है. दर्ज एफआईआर के मुताबिक, गिरधरपुर गांव का रहने वाला डिकेश अपने साथियों प्रदीप, दीपक और रोहित के साथ जयपुर से तुंबाहेड़ी रोड की तरफ जा रहा था. इसी दौरान हितेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर डिकेश की गाड़ी पर फायरिंग कर दी थी. उस हमले में डिकेश के पैर में गोली लगी थी और उसका साथी प्रदीप उर्फ सिपाही भी घायल हो गया था. तभी से डिकेश और प्रदीप बदला लेने की फिराक में थे और आरोप है कि इसी पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए उन्होंने हितेश को इतनी बेरहमी से मार डाला.
अग्निवीर फौजी बनाम क्रिमिनल बैकग्राउंड
इस पूरे मामले में एक और दिलचस्प पहलू यह है कि मुख्य आरोपी डिकेश का बैकग्राउंड फौजी रहा है. वह साल 2021 में भारतीय सेना में 'अग्निवीर' के तौर पर भर्ती हुआ था, लेकिन कुछ समय बाद नौकरी छोड़कर गांव लौट आया, जिसके कारण उसे इलाके में 'फौजी' भी कहा जाता है. वहीं दूसरी तरफ, मृतका हितेश पूरी तरह से क्रिमिनल माइंडसेट का व्यक्ति था. उस पर आर्म्स एक्ट सहित कुल पांच आपराधिक मामले दर्ज थे और वह हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था. रंजिश इस हद तक बढ़ी कि खुद डिकेश के नाम से भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट आया, जिसमें उसने लिखा कि 'सुबाना में जो मर्डर हुआ है उसकी जिम्मेदारी मैं लेता हूं, सबका नंबर आएगा, टाइम स्टार्ट'.
हथियारों की अवैध सप्लाई चेन पर खड़े हुए बड़े सवाल
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के बाद झज्जर पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है ताकि बलेनो गाड़ी और हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके. हालांकि, अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. इस पूरी घटना ने हरियाणा में अवैध हथियारों की आसान उपलब्धता और उनकी सप्लाई चेन पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर इन अपराधियों के हाथों में इतने आधुनिक और भारी मात्रा में असलहे इतनी आसानी से कैसे पहुंच जाते हैं.
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