Muskan Balhara Death Case: स्टार कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा मौत मामले में फरमाना गांव में आयोजित महापंचायत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौते का रास्ता साफ हुआ है. पंचायत में तय हुई शर्तों पर मुस्कान का परिवार शीलू के परिवार को माफ करने और पुलिस शिकायत वापस लेने के लिए राजी हो गया है. हालांकि, दर्ज एफआईआर के कारण शीलू बल्हारा के अगले महीने विदेश जाकर कबड्डी मैच खेलने पर कानूनी पेंच फंसता दिख रहा है.
ADVERTISEMENT
8 महीने के बेटे हार्दिक के नाम होगी 50 लाख की एफडी और संपत्ति
पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शीलू बल्हारा और मृतका मुस्कान के 8 महीने के बेटे हार्दिक का भविष्य सुरक्षित करने के लिए शीलू परिवार उसके नाम पर ₹50 लाख की बैंक एफडी (Fixed Deposit) कराएगा. इसके साथ ही जिस मकान में परिवार रहता है, 450 वर्ग गज का प्लॉट और एकेडमी के नाम खरीदी गई जमीन भी मासूम हार्दिक के नाम ट्रांसफर की जाएगी. मुस्कान के पिता सुखबीर सिंह ने इन शर्तों पर सहमति जताते हुए शिकायत वापस लेने की बात कही है.
बहू अकबरपुर थाने में दर्ज है दहेज मृत्यु (BNS धारा 80) का मामला
उल्लेखनीय है कि मुस्कान के मायके पक्ष की शिकायत पर रोहतक के बहू अकबरपुर थाने में शीलू बल्हारा, उनके पिता सुरेंद्र, मनीषा और भाई समेत चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80 (दहेज मृत्यु) के तहत केस दर्ज किया गया था. पंचायत के फैसले के बाद मुस्कान का अंतिम संस्कार बहू अकबरपुर गांव में किया गया, जहां शीलू बल्हारा ने पत्नी की चिता को मुखाग्नि दी.
कानून के जानकार: सिर्फ शिकायत वापसी से केस खत्म नहीं होता
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी महिला द्वारा आत्महत्या या संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने के बाद यदि मायका पक्ष दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराता है, तो केवल आपसी पंचायत या शिकायत वापसी से एफआईआर अपने आप रद्द नहीं होती. इसमें पुलिस की गहन जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है. यदि जांच में दहेज प्रताड़ना या मारपीट के साक्ष्य नहीं मिलते हैं, तभी पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय के समक्ष एफआईआर रद्द करने या धाराओं में संशोधन की सिफारिश कर सकती है.
1 महीने बाद विदेश में हैं कबड्डी मैच, वीजा पर मंडराया संकट
शीलू बल्हारा के खिलाफ दर्ज एफआईआर उनके खेल करियर के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. अगले एक महीने बाद विदेश में शीलू बल्हारा के क्लब स्तरीय कबड्डी मैच प्रस्तावित हैं. विदेश यात्रा और वीजा प्रक्रिया के लिए पुलिस क्लीयरेंस/वेरीफिकेशन रिपोर्ट अनिवार्य होती है. यदि समय रहते पुलिस और अदालत से एफआईआर रद्द नहीं होती है, तो शीलू बल्हारा विदेश नहीं जा पाएंगे. शीलू के परिजन और उनके स्पॉन्सर्स इस कानूनी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराने के प्रयास में जुट गए हैं.
ADVERTISEMENT


