जुड़वा बेटियों के साथ ससुराल पहुंचीं लेडी डॉन अनुराधा चौधरी, जठेड़ी गांव में गाजे-बाजे के साथ हुआ खास स्वागत

Haryana News: जुड़वा बेटियों के जन्म के बाद हरियाणा की चर्चित लेडी डॉन अनुराधा चौधरी अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने ससुराल जठेड़ी गांव पहुंचीं, जहां ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान पूरे परिवार में जश्न का माहौल देखने को मिला.

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हरियाणा की चर्चित लेडी डॉन अनुराधा चौधरी जुड़वा बेटियों को जन्म देने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने ससुराल पहुंच गई हैं. कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी की पत्नी अनुराधा चौधरी का उनके ससुराल यानी सोनीपत के जठेड़ी गांव में बेहद खास और भव्य स्वागत किया गया. जब वह अपनी दोनों नवजात बेटियों को लेकर गांव पहुंचीं, तो परिजनों और ग्रामीणों ने गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया. इस दौरान अनुराधा चौधरी के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान देखी गई और पूरे परिवार में जश्न का माहौल नजर आया.

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ससुराल में खुशियों का माहौल, दादा ने जताई खुशी

अनुराधा चौधरी के ससुराल पहुंचने पर गैंगस्टर काला जठेड़ी के पिता राजेंद्र सिंह ने अपनी खुशी जाहिर की है. उन्होंने बताया कि घर में दो जुड़वा बेटियों (कन्याओं) के आने से पूरे परिवार की खुशियां दोगुनी हो गई हैं. दादा राजेंद्र सिंह के मुताबिक, उनके परिवार में इस समय बेहद खुशी का माहौल है और नवजात बच्चियों के माता-पिता यानी काला जठेड़ी और अनुराधा चौधरी भी जुड़वा बेटियों के जन्म से बेहद उत्साहित और खुश हैं.

38 साल की उम्र में IVF तकनीक से दिया बेटियों को जन्म

अनुराधा चौधरी ने 38 साल की उम्र में इनविट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक के जरिए इन जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया है. प्रसव के दौरान अनुराधा चौधरी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके चलते डॉक्टरों को सिजेरियन ऑपरेशन (सिजेरियन डिलीवरी) का सहारा लेना पड़ा. उन्होंने करीब एक साल पहले गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में इस आईवीएफ प्रक्रिया की शुरुआत की थी, जिसके लिए जेल में बंद संदीप उर्फ काला जठेड़ी का स्पर्म लिया गया था.

4 घंटे की कस्टडी पैरोल पर बेटियों से मिलने अस्पताल पहुंचा था काला जठेड़ी

अनुराधा चौधरी की सिजेरियन डिलीवरी और तबीयत बिगड़ने के बाद, तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर काला जठेड़ी ने दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी. उसने अपनी पत्नी और नवजात बेटियों को देखने की इजाजत मांगी थी, जिसके बाद कोर्ट ने उसे 4 घंटे की कस्टडी पैरोल मंजूर की थी. अस्पताल से काला जठेड़ी की एक भावुक तस्वीर भी सामने आई थी, जिसमें पिछले 5 साल से जेल की सलाखों के पीछे बंद यह गैंगस्टर अपनी नवजात बेटी को गोद में थामे हुए बेहद भावुक नजर आ रहा था.

कोर्ट की अनुमति के बाद पूरा हुआ था पिता बनने का सपना

काला जठेड़ी के पिता बनने का यह सफर कानूनी प्रक्रियाओं से होकर गुजरा है. दरअसल, काला जठेड़ी ने अपने वंश को आगे बढ़ाने और बच्चा पैदा करने के लिए दिल्ली की एक अदालत से 6 घंटे की पैरोल मांगी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था. हालांकि, बाद में अदालत ने जैविक समय सीमा और चिकित्सा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उसे आईवीएफ तकनीक के जरिए पिता बनने की अनुमति दे दी थी. कोर्ट ने निर्देश दिए थे कि जेल परिसर के भीतर ही आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराकर इस प्रक्रिया को पूरा किया जाए.

फरारी के दौरान हुई थी मुलाकात, मार्च 2024 में की थी शादी

सोनीपत जिले के जठेड़ी गांव का रहने वाला संदीप उर्फ काला जठेड़ी कभी महज 12वीं पास एक केबल ऑपरेटर हुआ करता था, जो बाद में अपराध की दुनिया का बड़ा नाम बन गया. काला जठेड़ी और अनुराधा चौधरी की पहली मुलाकात साल 2020 में उत्तराखंड के चमोली जिले में हुई थी, जब काला जठेड़ी पुलिस से बचने के लिए फरारी काट रहा था. इसके बाद दोनों ने 12 मार्च 2024 को दिल्ली में शादी रचाई थी. इस शादी के लिए कोर्ट से काला जठेड़ी को 6 घंटे की कस्टडी पैरोल मिली थी और सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम थे कि शादी वाले वेन्यू पर 250 से ज्यादा पुलिसकर्मी और कमांडो तैनात किए गए थे.