वफादारी की मिसाल! ब्लैक कोबरा से भिड़ गई डॉग जिम्मी, मालिक को बचाने के लिए दे दी जान

हरियाणा के करनाल में वफादारी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. निसिंग के एक फार्म हाउस में घुसे जहरीले ब्लैक कोबरा से पालतू फीमेल डॉग 'जिम्मी' अकेले भिड़ गई. उसने मालिक सुमित की जान तो बचा ली, लेकिन सांप के डसने से महज 8 मिनट में खुद दम तोड़ दिया.

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हरियाणा के करनाल से वफादारी की एक ऐसी दिल दहला देने वाली और भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कुत्ते इंसान के सबसे सच्चे और वफादार दोस्त होते हैं. करनाल के निसिंग में एक फार्म हाउस पर पालतू फीमेल डॉग 'जिम्मी' ने अपने मालिक सुमित की जान बचाने के लिए एक खतरनाक ब्लैक कोबरा से लोहा ले लिया. इस भीषण लड़ाई में जिम्मी ने सांप को आगे नहीं बढ़ने दिया और मालिक को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन सांप के कई बार डसने की वजह से महज 8 मिनट में ही उसने दम तोड़ दिया. यह पूरी घटना फार्म हाउस में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है.

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यह दिल छू लेने वाला मामला करनाल के निसिंग इलाके का है. फार्म हाउस के मालिक सुमित ने बताया कि वह रविवार को अपने परिवार और पालतू कुत्तों के साथ समय बिताने फार्म हाउस गए थे. इसी दौरान वहां अचानक एक बेहद जहरीला ब्लैक कोबरा सांप घुस आया. सुमित ने जैसे ही सांप को देखा, वह डरकर पीछे हटने लगे. मालिक को खतरे में देख उनके दोनों पालतू कुत्ते फौरन आगे आ गए.

ब्लैक कोबरा से अकेले भिड़ गई जिम्मी

मालिक को पीछे धकेलते हुए हल्के भूरे रंग की फीमेल डॉग 'जिम्मी' सबसे आगे आकर कोबरा से भिड़ गई. वीडियो में साफ दिख रहा है कि जैसे ही कोबरा फन उठाकर सुमित की तरफ बढ़ने की कोशिश करता है, जिम्मी अपने पंजों और मुंह से उस पर लगातार वार करती है. जिम्मी की बहादुरी के आगे सांप बेबस हो गया और वह आगे नहीं बढ़ पाया. इसके बाद कोबरा वहां रखे गमलों के पीछे जाकर छिप गया.

9 साल का साथ, अंतिम सांस तक निभाई वफादारी

इस खतरनाक लड़ाई के दौरान कोबरा ने जिम्मी के मुंह और पैर पर कई जगह काट लिया था. सुमित ने जैसे ही देखा कि जिम्मी को सांप ने डस लिया है, उन्होंने तुरंत डॉक्टर को फोन मिलाया. लेकिन जहर इतनी तेजी से फैला कि डॉक्टर के आने से पहले महज 5 से 8 मिनट के भीतर ही जिम्मी की आंखें बंद हो गईं और उसने दम तोड़ दिया. सुमित और उनका परिवार जिम्मी को पिछले 9 साल से अपने बच्चों की तरह पाल रहा था. भावुक सुमित ने कहा कि अगर आज जिम्मी न होती, तो शायद वह जिंदा नहीं बचते. उन्होंने जिम्मी का अंतिम संस्कार उसी फार्म हाउस में पूरे सम्मान के साथ किया ताकि उसकी यादें हमेशा उनके पास रहें.

 

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