मां ने मजदूरी कर बेटे को विदेश भेजा, यहां कर्ज चुकाकर बनवा रहा था घर... फिर आई मौत की खबर, आखिर 23 साल के राजीव की कैसे हुई मौत?

सत्यजीत कुमार

• 01:57 PM • 22 Aug 2026

Haryana News: हरियाणा के करनाल जिले के बस्तली गांव के 23 वर्षीय राजीव की अरमेनिया में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए मां ने मजदूरी और कर्जा लेकर राजीव को 2022 में विदेश भेजा था. घटना के बाद रोते-बिलखते परिजनों ने सरकार से पार्थिव शरीर भारत लाने की गुहार लगाई है.

अरमेनिया में 23 साल के युवक की संदिग्ध मौत.
अरमेनिया में 23 साल के युवक की संदिग्ध मौत.
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Karnal Youth Death Armenia Case: हरियाणा के करनाल जिले के बस्तली गांव के रहने वाले 23 वर्षीय राजीव की विदेश में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. राजीव अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बेहतर भविष्य का सपना लेकर आर्मेनिया गए थे. उनकी मौत की खबर जैसे ही परिवार और गांव वालों को मिली, वहां मातम छा गया. बेटे की मौत से मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिवार अब सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है और चाहता है कि राजीव का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए, ताकि वे आखिरी बार अपने बेटे को देख सकें.

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कर्जा लेकर 2022 में भेजा था विदेश

राजीव के सिर से काफी समय पहले ही पिता का साया उठ चुका था. परिवार का गुजारा चलाने के लिए मां ने लोगों के घरों में झाड़ू-पोछा और मजदूरी करके दोनों बेटों को पाला. परिवार की बदहाली दूर करने के लिए मां ने कर्ज उठाकर साल 2022 के तीसरे महीने में अपने छोटे बेटे राजीव को कामकाज के सिलसिले में अरमेनिया भेजा था.

राजीव की मेहनत की बदौलत परिवार ने हाल ही में पुराना कर्ज चुकाया था. घर की स्थिति में सुधार होने पर राजीव और उसके बड़े भाई अभिषेक ने गांव में नया मकान बनवाने का काम शुरू कराया था. राजीव रोजाना फोन पर घर के बन रहे नए मकान की तस्वीरें मांगता और देखकर खुश होता था.

रूममेट ने दी संदिग्ध मौत की जानकारी

मृतक राजीव के भाई अभिषेक ने बताया कि राजीव रोजाना की तरह सामान्य रूप से परिवार से फोन पर बात कर रहा था. घटना वाले दिन जब रूममेट काम खत्म करके कमरे पर पहुंचा, तो राजीव बेड पर पड़ा हुआ था. जब उसने हिलाकर देखा तो राजीव की सांसें रुक चुकी थीं.

इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया, जिन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया. हालांकि, मौत के असल कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है. राजीव के भाई ने बताया कि एक दिन पहले ही उसकी राजीव से सामान्य बातचीत हुई थी और वह पूरी तरह स्वस्थ था.

सरकार से पार्थिव शरीर भारत लाने की भावुक अपील

राजीव की मौत के बाद उसकी मां कमलेश और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. बिलखती मां ने रोते हुए कहा कि अब उनके जीने का कोई सहारा नहीं बचा है.

परिजनों और ग्रामीणों ने भारत सरकार व स्थानीय प्रशासन से हाथ जोड़कर अपील की है कि राजीव के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द अरमेनिया से भारत लाने का प्रबंध किया जाए, ताकि वे उसका अंतिम संस्कार अपने पैतृक गांव में कर सकें और आखिरी बार उसका चेहरा देख सकें.


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