उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद ही हृदयविदारक खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. लखनऊ में हुए एक भीषण अग्निकांड में कुल 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिसमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं. मरने वालों में ज्यादातर 20 से 30 साल की उम्र के वो होनहार युवा थे, जो अपने सपनों को पंख लगाने और करियर बनाने के लिए वहां पहुंचे थे. इस हादसे ने हरियाणा के सोनीपत जिले के महीपुर गांव के रहने वाले 23 वर्षीय भविष्य शर्मा को भी हमेशा के लिए अपनों से छीन लिया. भविष्य को पहली नौकरी ज्वाइन किए अभी महज एक हफ्ता ही हुआ था कि इस भीषण आग ने उसके और उसके परिवार के सारे अरमानों को राख कर दिया.
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वीडियो कॉल पर मां के सामने तोड़ा दम
अग्निकांड के वक्त की जो कहानी सामने आई है, वह किसी भी संवेदनशील इंसान का कलेजा चीर कर रख देगी. जब बिल्डिंग में चारों तरफ आग और धुआं फैल गया, तो भविष्य ने सोनीपत के महीपुर गांव में बैठी अपनी मां को आखिरी बार वीडियो कॉल किया. रोती-बिलखती मां ने बताया कि भविष्य फोन पर लगातार 'मम्मी-मम्मी' चिल्ला रहा था, लेकिन धुएं के कारण कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था.
मां ने जब बेटे से कहा कि बेटा तेरा चेहरा दिखाई नहीं दे रहा है, तब भविष्य ने किसी तरह फोन को अपने चेहरे के पास लाया और बेबसी से कहा, 'मम्मी, आग लग गई है, मेरा दम घुट रहा है. मुझे बचा लो मम्मी, मैं अब जिंदा नहीं बच पाऊंगा.' लाचार मां सोनीपत में बैठी अपने कलेजे के टुकड़े को तड़पता देखती रही और कुछ ही पलों में बात करते-करते फोन कट गया. भविष्य की सांसें हमेशा के लिए थम गईं और वह इस दुनिया से चला गया.
पहली नौकरी की खुशी मातम में बदली
23 साल के युवा भविष्य शर्मा ने एनिमेशन और गेमिंग का कोर्स किया था. कोर्स पूरा करने के बाद जब उसे लखनऊ में नौकरी मिली, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था. वह बीते 6 जून को घर से लखनऊ के लिए रवाना हुआ था. घर से निकलते वक्त वह बहुत खुश था और अपनी मां से कहकर गया था कि उसकी नौकरी लग गई है और अब वह अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाएगा.
माता-पिता को क्या पता था कि जिस लाडले को वे हंसते-मुस्कुराते विदा कर रहे हैं, वह कुछ ही दिनों में कफन में लिपटकर वापस आएगा. भविष्य अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिसके कंधों पर छोटी बहन की शादी कराने और बूढ़े माता-पिता को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी थी.
फिंगरप्रिंट लॉक और बंद दरवाजों ने बनाया बंधक
इस हादसे की जो सबसे खौफनाक और हैरान करने वाली वजह सामने आई है, वह बिल्डिंग का सिक्योरिटी सिस्टम और बदइंतजामी है. बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में आग संभवतः एसी (AC) फटने के कारण फैली, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया. जब अंदर मौजूद युवाओं ने बाहर भागने की कोशिश की, तो ऊपर जाने का गेट पूरी तरह बंद था.
वहीं, बाहर निकलने का जो मुख्य दरवाजा था, वह फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) लॉक से संचालित होता था. जैसे ही आग लगी, बिजली गुल होते ही पूरा सिक्योरिटी सिस्टम लॉक हो गया. जब तक दरवाजे को तोड़ा गया और बच्चों को बाहर निकालने का रास्ता साफ हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. दम घुटने के कारण 15 मासूम जिंदगियां दम तोड़ चुकी थीं.
2016 में गिराने का आदेश, लेकिन खड़ी रही अवैध बिल्डिंग
यह पूरा हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हमारे भ्रष्ट सिस्टम की लापरवाही का नतीजा है. जिस बिल्डिंग में यह आग लगी, वह पूरी तरह से अवैध थी. हैरान करने वाली बात यह है कि साल 2016 में ही इस बिल्डिंग को गिराने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन बाद में भ्रष्टाचार और सांठगांठ के खेल में उस आदेश को निरस्त कर दिया गया.
यह विवादित और अवैध बिल्डिंग 'रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज' के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की बताई जा रही है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी वीरेंद्र शुक्ला के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
अधिकारियों पर गाज और बुलडोजर की तैयारी
हादसे के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है, जिसके बाद इस अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया जाएगा.
इसके अलावा, इस लापरवाही के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण के 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि इस अवैध बिल्डिंग को अनुमति देने वाले करीब 16 अन्य अधिकारियों पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है. हालांकि, बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या किसी अधिकारी के निलंबन या बिल्डिंग पर बुलडोजर चला देने से भविष्य शर्मा जैसी मासूम जिंदगियां वापस लौट पाएंगी?
पीड़ित परिवार की सरकार से गुहार
भविष्य की मौत के बाद उसके गांव महीपुर (सोनीपत) में मातम पसरा हुआ है. रिपोर्टर से बात करते हुए भविष्य के परिजनों ने सरकार से इंसाफ की गुहार लगाई है. भविष्य के पिता एक प्राइवेट नौकरी करते हैं और घर की माली हालत ठीक नहीं है. परिवार ने मांग की है कि भविष्य की छोटी बहन या उसके पिता को उनकी उम्र और योग्यता के हिसाब से सरकारी नौकरी दी जाए ताकि घर का गुजारा हो सके. इसके साथ ही परिवार ने रोते हुए कहा कि देश में चाहे कोचिंग सेंटर हों या कोई ऑफिस, उन्हें कड़े नियमों के तहत ही संचालित करने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और मां का इकलौता बेटा इस तरह सिस्टम की भेंट न चढ़े.
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