"मम्मी आग लग गई है, मेरा दम घुट रहा है, मुझे बचा लो मम्मी..." यह एक बेबस और लाचार बेटे के वो आखिरी शब्द थे, जो उसने मौत से चंद मिनट पहले सोनीपत में बैठी अपनी मां को वीडियो कॉल पर कहे थे. लखनऊ के भीषण अग्निकांड ने कई हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है. इन्हीं में से एक था सोनीपत के महीपुर गांव का रहने वाला 23 वर्षीय भविष्य शर्मा. भविष्य की अभी एक हफ्ता पहले ही पहली नौकरी लगी थी, लेकिन उसे क्या पता था कि उसके सपनों की उड़ान का अंत इतनी बेरहमी से होगा.
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पहली नौकरी और एक हफ्ते में ही खत्म हो गई जिंदगी
भविष्य शर्मा ने हाल ही में एनिमेशन और गेमिंग का कोर्स पूरा किया था. वह 6 जून को अपनी पहली नौकरी ज्वाइन करने के लिए बहुत खुश होकर लखनऊ गया था. लेकिन नौकरी शुरू किए अभी महज एक हफ्ता ही बीता था कि उस अवैध बिल्डिंग में अचानक आग लग गई, जहां वह काम करता था. आग लगते ही भविष्य ने अपनी मां को वीडियो कॉल किया. मां ने जब फोन उठाया तो उसे सिर्फ धुआं दिखाई दे रहा था. भविष्य ने आगे आकर रोते हुए कहा, "मम्मी चेहरा दिखाई दिया? यहां आग लग गई है, मैं जिंदा नहीं बच पाऊंगा." मां ने तड़पकर सिर्फ इतना कहा कि बेटा एक बार अपना चेहरा दिखा दे. भविष्य ने अपना चेहरा फोन के पास किया और देखते ही देखते फोन कट गया. उसकी सांसें हमेशा के लिए थम गईं.
फिंगरप्रिंट लॉक सिस्टम बना 'काल'
लखनऊ के इस अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 10 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल हैं. मरने वालों में ज्यादातर 20 से 30 साल के युवा छात्र और नौकरीपेशा थे. बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में एसी फटने की वजह से आग फैली. बाहर निकलने का रास्ता बेहद संकरा था, ऊपर जाने वाला गेट बंद था और सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि मुख्य दरवाजा फिंगरप्रिंट लॉक सिस्टम से संचालित था. आग लगते ही बिजली कट गई और पूरा सुरक्षा सिस्टम लॉक हो गया. जब तक दरवाजा तोड़ा गया, तब तक दम घुटने के कारण 15 मासूम जिंदगियां खत्म हो चुकी थीं.
अवैध थी बिल्डिंग, 2016 में ही आया था गिराने का आदेश
दिल दहला देने वाली बात यह है कि जिस बिल्डिंग ने भविष्य शर्मा सहित 15 युवाओं की जान ली, वह पूरी तरह से अवैध थी. साल 2016 में ही इस बिल्डिंग को गिराने का आदेश जारी हुआ था, लेकिन भ्रष्ट सिस्टम के चलते उस आदेश को निरस्त कर दिया गया. यह बिल्डिंग रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की है.
क्या है प्रशासनिक एक्शन?
हादसे के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के वीसी प्रथमेश कुमार के मुताबिक:
- बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज कर उसे और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
- एलडीए के 4 अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि इस अवैध बिल्डिंग को अनुमति देने वाले 16 अन्य अधिकारियों पर गाज गिरना तय है.
- बिल्डिंग मालिक को 15 दिन का नोटिस देकर जवाब मांगा गया है, जिसके बाद इस अवैध इमारत पर बुलडोजर चलाया जाएगा.
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल, सरकार से की यह मांग
भविष्य अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. उसके पिता प्राइवेट जॉब करते हैं और घर में एक छोटी बहन है, जिसकी शादी की जिम्मेदारी भविष्य के कंधों पर आने वाली थी. भविष्य की मौत के बाद पूरे महीपुर गांव में मातम पसरा है. पीड़ित परिवार ने सरकार से मांग की है कि घर के गुजारे के लिए भविष्य के पिता या उसकी छोटी बहन को सरकारी नौकरी दी जाए. साथ ही उन्होंने मांग की कि ऐसी इमारतों और कोचिंग सेंटरों को कड़े नियमों के तहत ही चलाया जाए ताकि भविष्य में किसी और मां का लाडला इस तरह सिस्टम की भेंट न चढ़े.
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