हरियाणा के भिवानी जिले के ढाणी लक्ष्मण गांव की रहने वाली शिक्षिका मनीषा की मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया है. करीब 10 महीने बीत जाने के बाद भी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस गुत्थी को सुलझाने में नाकाम रही है, जिससे परिजनों और स्थानीय समाज में भारी रोष है. न्याय की मांग को लेकर आज, 7 जून को मनीषा के पैतृक गांव ढाणी लक्ष्मण में एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है.
ADVERTISEMENT
परिजनों ने लगाई न्याय की गुहार
मनीषा के पिता संजय कुमार ने एक भावुक वीडियो जारी कर हरियाणा की तमाम खापों, किसान संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से इस महापंचायत में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को गए हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन आज भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं. परिवार का आरोप है कि सीबीआई की टीम बार-बार पूछताछ के लिए तो आती है, लेकिन जांच में क्या प्रगति हुई, इस पर चुप्पी साधे हुए है.
CBI से उठा भरोसा, 9 जून को कोर्ट में जवाबदेही
बैरागी समाज और परिजनों का कहना है कि 6 महीने की जांच के बाद भी सीबीआई किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. इस बीच, पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए एजेंसी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. सीबीआई को 9 जून तक अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करनी है.
क्या था मामला?
बता दें कि 11 अगस्त 2025 को मनीषा अपने घर से स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन शाम को उसकी लाश पास के ही सिंघानी गांव के खेतों में बरामद हुई. शुरुआत में स्थानीय पुलिस और अब सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन हत्या की वजह और कातिलों का अब तक सुराग नहीं लग पाया है. आज होने वाली महापंचायत में खापें कोई बड़ा फैसला ले सकती हैं, जिससे प्रदेश में एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है.
ADVERTISEMENT


