मनीषा मित्तल मर्डर केस: सगा भाई ही निकला बहन का कातिल, शिमला पुलिस ने खोला ₹8 लाख की सुपारी का खौफनाक राज

शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस जांच के अनुसार, इस हत्या का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि मृतिका का सगा भाई हिमांक मित्तल ही है. भाई ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते अपने दोस्त गोविंद के साथ मिलकर बहन की हत्या की साजिश रची थी.

Jagan Gurjar
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राहुल यादव

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Manisha Mittal Case: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हुए चर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड में पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा किया है. सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर की गई हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड कोई बाहरी नहीं, बल्कि उनका सगा भाई हिमांक मित्तल ही निकला. शिमला पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलषाते हुए मृतिका के भाई और उसके मददगार दोस्त गोविंद को गिरफ्तार कर लिया है.

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प्रॉपर्टी विवाद में रची गई खौफनाक साजिश

पुलिस की जांच में सामने आया है कि मनीषा मित्तल का अपने भाई हिमांक मित्तल और उसके बिजनेस पार्टनर गोविंद के साथ शिमला और रोहतक के स्कूलों की संपत्तियों को लेकर काफी समय से प्रॉपर्टी विवाद (Property Dispute) चल रहा था. शुरुआत में भाई हिमांक इस मर्डर केस में अपना हाथ होने से लगातार इनकार करता रहा और खुद पर हुए पुराने हमले का हवाला देकर हमदर्दी बटोरने की कोशिश कर रहा था. लेकिन जब पुलिस ने हरियाणा से पकड़े गए दोनों शूटरों (आशीष अहलावत और दीपक) से कड़ाई से पूछताछ की, तो परतें खुलती चली गईं.

₹8 लाख की डील और वारदात की प्लानिंग

शिमला पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटना से कुछ दिन पहले ही भाई हिमांक मित्तल ने अपने दोस्त गोविंद के बैंक खाते में ₹8 लाख की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की थी. गोविंद ने इसी रकम से शूटर्स का इंतजाम किया. शूटरों को करीब ₹20,000 बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए और ₹50,000 की कैश रकम के साथ एक किराए की स्विफ्ट गाड़ी मुहैया कराई गई थी.

CCTV फुटेज से ट्रैक हो रही थी पल-पल की मूवमेंट

इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया गया. मास्टरमाइंड हिमांक मित्तल के पास सरस्वती पैराडाइज स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का ऑनलाइन एक्सेस था. हिमांक ने यह एक्सेस अपने दोस्त गोविंद को दिया और गोविंद ने इसे सीधे दोनों शूटर्स के फोन पर शेयर कर दिया. इसके जरिए शूटर मनीषा मित्तल के स्कूल आने-जाने और उनके हर मूवमेंट को लाइव ट्रैक कर रहे थे. जैसे ही सही मौका मिला, उन्होंने 13 जून 2026 को स्कूल के पास ही मनीषा की गोली मारकर हत्या कर दी.

विदेश भाग गया था मददगार, अब दोनों पुलिस कस्टडी में

वारदात की पूरी प्लानिंग सेट करने के बाद आरोपी गोविंद पुलिस को चकमा देने के लिए विदेश भाग गया था. 19 जून के आसपास जब वह भारत लौटा, तो पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर उसे रोहतक से दबोच लिया. वहीं मुख्य साजिशकर्ता भाई हिमांक मित्तल फिलहाल चोटिल (बेड रिडन) होने के कारण रोहतक में ही पुलिस की कड़ी निगरानी में 'हाउस अरेस्ट' जैसी कस्टडी में रखा गया है. मेडिकल फिटनेस मिलते ही पुलिस उसे शिमला लेकर आएगी.

 

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