HP की फर्जी नंबर प्लेट, गोलियां और फरारी... शिमला में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या केस में 40 घंटे में पकड़े गए शूटर

शिमला में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की दिनदहाड़े हत्या के मामले में पुलिस ने 40 घंटे के भीतर दो संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार किया है. जांच में फर्जी नंबर प्लेट, प्रॉपर्टी विवाद और अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है. अब नजर इस बात पर है कि हत्या की साजिश किसने रची.

मनीषा मित्तल हत्याकांड में 40 घंटे में पुलिस ने पकड़े शूटर
मनीषा मित्तल हत्याकांड में 40 घंटे में पुलिस ने पकड़े शूटर

राहुल यादव

follow google news

Manisha Mittal murder case Shimla: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला उस वक्त दहल उठी जब 13 जून की शाम हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की मालकिन मनीषा मित्तल को गोलियों से भून दिया गया. मनीषा मूल रूप से हरियाणा के रोहतक की रहने वाली थीं और शिमला में अपने माता-पिता का स्कूल संभाल रही थीं. नकाबपोश हमलावरों ने उन पर तब ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं जब वे स्कूल के पास थीं. इस हमले में मनीषा की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई.

Read more!

40 घंटे में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

हत्याकांड के बाद हरकत में आई शिमला पुलिस ने महज 40 घंटे के भीतर एक बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने हरियाणा के रोहतक और झज्जर से दो शूटर्स को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय आशीष अहलावत (निवासी दुजाना, झज्जर) और 25 वर्षीय दीपक (निवासी सुनियारा खुर्द, रोहतक) के रूप में हुई है. पुलिस ने इनके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई दो पिस्तौल भी बरामद कर ली हैं. आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है.

फेक नंबर प्लेट और लिंक रोड का इस्तेमाल

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि शूटर्स ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए बाकायदा पूरी प्लानिंग की थी. वे हरियाणा नंबर की स्विफ्ट कार पर हिमाचल का फर्जी नंबर (HP 10 सीरीज) लगाकर शिमला पहुंचे थे. हत्या को अंजाम देने के बाद वे मुख्य हाईवे के बजाय लिंक रोड और शहर की अंदरूनी गलियों से होते हुए वापस हरियाणा फरार हो गए ताकि पुलिस के नाकों और चेकिंग से बच सकें.

प्रॉपर्टी विवाद और पुराना वीडियो वायरल

मनीषा मित्तल की हत्या के बाद उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में मनीषा अपने भाई हिमांक मित्तल के साथ प्रॉपर्टी विवाद का जिक्र कर रही हैं और अपनी जान को खतरा बता रही हैं. बताया जा रहा है कि माता-पिता की मौत के बाद रोहतक और शिमला के स्कूलों की ओनरशिप को लेकर भाई-बहन के बीच लंबा विवाद चल रहा था. मनीषा ने कोर्ट के जरिए स्कूल में एंट्री हासिल की थी, जिसे लेकर तनाव बना हुआ था.

लव मैरिज और तलाक का पेचीदा मामला

पुलिस इस हत्याकांड को सिर्फ प्रॉपर्टी विवाद से ही नहीं, बल्कि मनीषा के निजी जीवन से जोड़कर भी देख रही है. मनीषा ने रोहतक में पढ़ाई के दौरान रेवाड़ी के डॉक्टर सुभाष यादव से लव मैरिज की थी, लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया. फिलहाल उनका तलाक का केस कोर्ट में चल रहा था. मनीषा की एक छोटी बेटी भी है, जो शिमला में अपनी मां के साथ रहती थी. मां की हत्या के बाद बेटी सदमे में है और उसने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है.

भाई ने दी सफाई, पुलिस की जांच जारी

हत्याकांड में नाम उछलने के बाद मनीषा के भाई हिमांक मित्तल ने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है. हिमांक का कहना है कि उनका अपनी बहन से कोई ऐसा विवाद नहीं था कि वे उसकी हत्या करवा दें. हिमांक ने खुद पर हुए एक पुराने हमले का हवाला देते हुए कहा कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. फिलहाल शिमला पुलिस दोनों शूटर्स को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस 'कॉन्ट्रैक्ट किलिंग' के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है.

 

    follow google news