राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोपों से घिरे हथीन से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इसराइल ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. हथीन विधानसभा क्षेत्र के उटावड़ गांव में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए इसराइल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह कदम किसी निजी लालच में नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र की जनता के मान-सम्मान और विकास कार्यों के लिए उठाया है. विस्तार से जानिए पूरी बात.
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जनता के फैसले को बताया सर्वोपरि
मोहम्मद इसराइल ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके लिए जनता का हुक्म ही सबसे ऊपर है. उन्होंने कहा, 'जहां जनता कहेगी, वही मेरी पार्टी है. आप ही मेरा मान और सम्मान हो.' विधायक ने 2029 के अगले विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि यह जनता ही तय करेगी कि उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए या नहीं, और यदि लड़ना है तो किस पार्टी के टिकट पर. उन्होंने वादा किया कि यदि जनता ने उन्हें बैठने का हुक्म दिया, तो वे भविष्य में कभी चुनाव का नाम भी नहीं लेंगे.
कांग्रेस के नोटिस पर अभी तक नहीं दिया जवाब
पार्टी अनुशासन और क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस द्वारा भेजे गए कारण बताओ नोटिस पर भी इसराइल ने स्थिति साफ की. उन्होंने बताया कि उन्होंने अभी तक पार्टी के नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया है. उनका कहना है कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों और कार्यकर्ताओं से मशविरा करने के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेंगे और पार्टी को अपना पक्ष रखेंगे. विधायक ने जोर देकर कहा कि 2024 के चुनाव में टिकट वितरण के समय जिस तरह का व्यवहार हुआ, उन्होंने तभी पार्टी से दूरी बनाने का मन बना लिया था.
क्षेत्र के विकास और 'बाबा' के अधूरे सपनों का जिक्र
अपने संबोधन में मोहम्मद इसराइल ने क्षेत्र के अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य हथीन में उन कामों को पूरा करना है जो 'बाबा' अधूरे छोड़ गए थे. उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि आने वाले चार वर्षों में क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी और जनता का सम्मान बरकरार रहेगा. उन्होंने विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोगों का काम केवल बकवास करना है, लेकिन वे जनता के आशीर्वाद से अपने पथ पर अडिग रहेंगे.
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