अपने अलग और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर हरियाणा के नेता और पूर्व 'आप' प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वे किसी धरने या प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में देशवासियों से की गई कुछ अपीलों पर तंज कसने के लिए चर्चा में आ गए हैं. नवीन जयहिंद रोहतक में बाकायदा एक सजी-धजी घोड़ी पर सवार होकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे.
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एक साल तक शादी नहीं करने का वादा
घोड़ी पर बैठे-बैठे ही मीडिया से बात करते हुए नवीन जयहिंद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से सात बड़ी अपीलें की हैं, जिसमें सोना न खरीदने, विदेशों में जाकर शादी न करने, स्वदेशी अपनाने, पेट्रोल-डीजल की बचत करने और वर्क फ्रॉम होम जैसी बातें शामिल हैं.
पीएम की इसी बात पर चुटकी लेते हुए जयहिंद ने कहा, "मैंने तय किया है कि देश हित में मैं अगले एक साल तक न तो कोई सोना खरीदूंगा और न ही एक साल तक शादी कराऊंगा." उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए वे अब घोड़ा-बग्गी या झोटा-बग्गी का सहारा लेंगे और विदेशी तेल की जगह घर की सरसों का तेल इस्तेमाल करेंगे.
नेताओं की 'रीलबाजी' को लेकर घेरा
नवीन जयहिंद ने सोशल मीडिया पर मंत्रियों और विधायकों द्वारा साइकिल चलाने, ई-रिक्शा या ट्रेन में सफर करने की वीडियो (रील्स) डालने पर तीखा हमला बोला. उन्होंने इसे महज 'रीलबाजी' करार दिया.
जयहिंद ने सवाल उठाया कि जो नेता आज कैमरे के सामने पेट्रोल बचाने का नाटक कर रहे हैं और आगे साइकिल चलाते हैं, जबकि उनके पीछे गाड़ियों का पूरा काफिला तेल फूंकता हुआ चलता है, क्या वे पूरे साल इसी तरह चलेंगे?
उन्होंने युवाओं से अपील की कि ऐसे नेताओं को नोट कर लें और एक दिन बाद यदि वे फिर से अपनी बड़ी गाड़ियों में लौटें, तो जनता उनकी सोशल मीडिया पर 'रेल' बना द.
विधायकों, सांसदों और जजों से एक साल की तनख्वाह छोड़ने की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जयहिंद ने कहा कि देशभक्ति की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ आम जनता की नहीं है. अगर देश के सामने कोई आर्थिक संकट है, तो सरकार और विपक्ष के सभी वर्तमान और पूर्व विधायकों, सांसदों (MLAs/MPs) को अपनी एक साल की तनख्वाह और पेंशन छोड़नी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि देश के नेता और आईएएस-आईपीएस (IAS/IPS) अधिकारी ऐसा उदाहरण पेश करते हैं, तो वे खुद भी अपनी तरफ से प्रधानमंत्री राहत कोष में 1 लाख रुपये का दान देंगे. साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर बड़े नेताओं और जजों को छुट्टियां मनानी हैं, तो वे विदेशों या हिल स्टेशनों पर जाने के बजाय अपने परिवार के साथ देश के बॉर्डर पर फौजियों के साथ जाकर रहें.
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