नीरज चोपड़ा के साथ फोटो दिखा शिव नरेश स्पोर्ट्स कंपनी के मालिक से 3.5 करोड़ की ठगी! ऐसे हुआ पूरा खेल

पंचकूला में मशहूर खेल सामग्री निर्माता कंपनी 'शिव नरेश स्पोर्ट्स' के डायरेक्टर से 3.5 करोड़ रुपये की जालसाजी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. ठगों ने खुद को खेल विभाग का अफसर बताकर और ओलंपियन नीरज चोपड़ा के साथ तस्वीरें दिखाकर इस वारदात को अंजाम दिया.

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देश की जानी-मानी स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म और खेल सामग्री निर्माता कंपनी 'शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' के डायरेक्टर शिव प्रकाश सिंह के साथ करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये की ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. दिल्ली की इस प्रतिष्ठित कंपनी ने साल 2023 में गोवा नेशनल गेम्स के दौरान हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन को करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का सामान तत्काल सप्लाई किया था. सामान की डिलीवरी के बाद भी उनका पेमेंट काफी समय तक अटका रहा, जिसका फायदा उठाकर ठगों ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया.

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सरकारी अफसर बनकर जाल में फंसाया

जांच में सामने आया कि सितंबर 2025 में मुख्य आरोपी मोहित सैनी ने 'जसवंत' नाम का फर्जी अधिकारी बनकर शिव प्रकाश सिंह से संपर्क किया. उसने खुद को हरियाणा खेल विभाग का ऑब्जर्वर और फाइनेंस मामलों का जानकार बताया. कारोबारी का भरोसा जीतने के लिए उसने मशहूर ओलंपियन नीरज चोपड़ा के साथ अपनी कुछ तस्वीरें भी दिखाईं. फाइल आगे बढ़ाने और फंसा हुआ पेमेंट जल्द क्लियर कराने के नाम पर उसने शुरुआत में 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जिसे पीड़ित ने नकद और बैंक ट्रांसफर के जरिए दे दिया.

विजिलेंस और गिरफ्तारी का दिखाया डर

पैसा लेने के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ तो पीड़ित कारोबारी ने अपने रुपये वापस मांगने शुरू किए. इस पर ठगों ने एक नई चाल चली. मुख्य आरोपी मोहित ने कारोबारी के मन में डर बिठाने के लिए कहा कि इस पूरे मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और विजिलेंस विभाग कर रहा है. उसने कारोबारी को डराया कि घूस देने के आरोप में उन्हें भी पुलिस गिरफ्तार कर सकती है. इसी कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी के डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने अलग-अलग किश्तों में पीड़ित से कुल 3 करोड़ 50 लाख रुपये ऐंठ लिए. जब शिव प्रकाश ने खुद खेल विभाग के दफ्तर जाकर पड़ताल की, तब उन्हें पता चला कि वहां इस नाम का कोई अधिकारी ही नहीं है.

सरकारी तंत्र और पुलिस का कनेक्शन

धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़ित ने पंचकूला के सेक्टर-20 थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसकी जांच अब पंचकूला सेक्टर-19 की क्राइम ब्रांच कर रही है. पुलिस ने जब बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की कुंडली खंगाली, तो इस पूरे पारिवारिक सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी के भाई रोहित सैनी को गिरफ्तार कर लिया है, जो पंचकूला नगर निगम में जूनियर इंजीनियर (JE) के पद पर तैनात है. पूछताछ में सामने आया कि ठगी की बड़ी रकम भाई, भाभी, पत्नी और दोस्तों के खातों में ट्रांसफर की गई थी.

चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी मोहित सैनी की पत्नी हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर कार्यरत है, जबकि उसका तीसरा भाई पूर्व पार्षद रह चुका है. गिरफ्तार जेई रोहित सैनी ने कुबूल किया है कि उसके खाते में ठगी के 4 लाख रुपये आए थे, जबकि बाकी की बड़ी रकम मुख्य आरोपी मोहित के पास है, जो सट्टे की लत और भारी कर्ज के कारण यह फ्रॉड करने के बाद से फरार है. पुलिस की टीमें अब फरार मास्टरमाइंड की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं.