हरियाणा पुलिस को अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पंचकूला में एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) और कुख्यात नोनी राणा गैंग के गुर्गों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि ये बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया.
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गुप्त सूचना के आधार पर हुई नाकेबंदी
पंचकूला के सेक्टर 23 इलाके में एंटी नारकोटिक्स सेल को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी. सूचना के मुताबिक, नोनी राणा गैंग के दो गुर्गे बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार होकर अवैध हथियारों के साथ क्षेत्र में घूम रहे हैं. इस जानकारी को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के निर्देश पर तुरंत नाकेबंदी की गई और पुलिस टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया. गश्त के दौरान जब पुलिस को संदिग्ध युवक नजर आए, तो इंचार्ज प्रवीण कुमार की अगुवाई में उनका पीछा शुरू किया गया.
मुठभेड़ और जवाबी फायरिंग
पुलिस टीम ने बदमाशों को निफ्ट (NIFT) संस्थान के पास डंपिंग ग्राउंड के नजदीक घेर लिया. खुद को पुलिस से घिरा देख आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन उनकी बाइक असंतुलित होकर गिर गई. बाइक गिरने के बाद भी बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कारवाई की, जिसमें दोनों ओर से कुल छह राउंड फायरिंग हुई. इस मुठभेड़ में दोनों आरोपी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत काबू कर इलाज के लिए जिला अस्पताल (सेक्टर 6 सिविल हॉस्पिटल) में भर्ती कराया गया है.
बड़ी वारदात की थी तैयारी
प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये दोनों बदमाश मोनू गुर्जर और नोनी राणा गैंग से जुड़े हुए हैं. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य करनाल के प्रसिद्ध नीलकंठ ढाबे पर फायरिंग करना था. इस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए उन्होंने गांव चौकी क्षेत्र से अवैध हथियार हासिल किए थे. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध .32 बोर के पिस्तौल बरामद किए हैं.
पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
डीसीपी अमरिंदर सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस की मुस्तैदी की वजह से एक बहुत बड़ी वारदात को टाल दिया गया है. आरोपियों ने पंचकूला से हथियार रिकवर किए थे और वे यहां से सीधे करनाल की ओर निकलने वाले थे. फिलहाल पुलिस इन बदमाशों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गैंग के अन्य नेटवर्क को खंगाल रही है. पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे.
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