पानीपत में चपरासी की अनोखी विदाई, रथ-कार छोड़ फूलों से सजी क्रेन पर सवार होकर घर पहुंचे महावीर, देखें वीडियो

राहुल यादव

• 04:24 PM • 04 Jul 2026

पानीपत में फूड सप्लाई विभाग के चपरासी महावीर बांगड़ के रिटायरमेंट पर अनोखी विदाई देखने को मिली. महावीर कार या रथ की जगह फूलों से सजी हाइड्रा क्रेन पर सवार होकर अपने गांव कवि पहुंचे. बेटों द्वारा प्लान की गई इस अनोखी विदाई का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

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हरियाणा के पानीपत में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी) की रिटायरमेंट (Retirement) का ऐसा अनोखा नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया. अमूमन लोग रिटायरमेंट के दिन लग्जरी कारों या रथों में घर लौटते हैं, लेकिन फूड सप्लाई विभाग में सेवादार के पद पर तैनात महावीर बांगड़ ने कुछ ऐसा अलग किया कि पूरे इलाके में इसकी चर्चा हो रही है. महावीर बांगड़ अपने रिटायरमेंट के दिन फूलों और रंग-बिरंगी चुन्नियों से सजी एक हाइड्रा क्रेन के बूम (अगले हिस्से) पर सवार होकर अपने दफ्तर से पैतृक गांव पहुंचे. रास्ते में जो कोई भी उन्हें देखता, बस देखता ही रह जाता.

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बेटे ने तैयार किया था यह खास सरप्राइज प्लान

महावीर बांगड़ (58 वर्ष) शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के पैतृक गांव कवि के रहने वाले हैं. उन्होंने विभाग में 23 साल तक पूरी ईमानदारी से सेवा की. उनके रिटायरमेंट को यादगार और यूनिक बनाने के लिए उनके बेटों और परिवार ने यह खास प्लानिंग की थी. इसके लिए करीब 10 दिन पहले ही हाइड्रा क्रेन को बुक किया गया था. 29 जून की रात को क्रेन को बहुत ही खूबसूरत तरीके से सजाया गया.

गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत

महावीर बांगड़ का परिवार काफी साधन संपन्न है. उनका बड़ा बेटा अमेरिका में रहता है और छोटा बेटा मोहित भी इस खास मौके पर मौजूद रहा. जब महावीर क्रेन पर सवार होकर अपने गांव कवि पहुंचे, तो वहां का नजारा बेहद भावुक और खास था. उनकी पत्नी शीला देवी और अन्य ग्रामीणों ने क्रेन से उतरने पर उनकी आरती उतारी, तिलक लगाया और फूलों की बारिश कर भव्य स्वागत किया. इसके बाद उन्हें पूरे मान-सम्मान के साथ गृह प्रवेश कराया गया. महावीर का कहना है कि उन्होंने अन्य कर्मियों की विदाई देखकर ही तय किया था कि वह अपनी विदाई पर कुछ अलग करेंगे. सोशल मीडिया पर अब उनकी इस ग्रैंड विदाई का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है.