भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने हरियाणा की राजनीति और किसान आंदोलनों को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. जींद पहुंचे टिकैत ने जेजेपी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें पहले अपना कुनबा (परिवार) इकट्ठा करना चाहिए और किसानों से माफी मांगनी चाहिए, तभी वे गांवों में फिर से संवाद कर पाएंगे.
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"चंडीगढ़ चलो, जींद में धरने से नहीं होगा समाधान"
जींद में किसानों के बीच पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि अब स्थानीय स्तर पर धरने देने के बजाय किसानों को चंडीगढ़ का रुख करना चाहिए. उन्होंने बताया कि कमेटी ने यह निर्णय लिया है कि धरने को समापन कर चंडीगढ़ में एक बड़ी पंचायत की जाएगी. टिकैत ने जोर देकर कहा कि किसान ट्रैक्टरों के साथ चंडीगढ़ कूच करेंगे और अगर रास्ते में कहीं भी पुलिस ने रोका, तो वहीं 'डेरा' डाल दिया जाएगा. उन्होंने कहा, "किसान के लिए घर से निकलते ही चंडीगढ़ शुरू हो जाता है."
दुष्यंत चौटाला और हिसार प्रकरण पर बोले टिकैत
हिसार में दुष्यंत चौटाला की गाड़ी के सामने पुलिस के घेरे और किसानों के विरोध पर टिकैत ने कहा कि यह सब परिवार की आपसी फूट का नतीजा है. उन्होंने कहा कि जब घर में 'राड़' (झगड़ा) हो जाए, तो पुलिस भी हाथ घेर कर तमाशा देखती है. टिकैत ने दुष्यंत चौटाला को सलाह दी कि वे अपने पैतृक गांव चौटाला जाएं, परिवार और खापों को इकट्ठा करें और किसानों के बीच आकर बात करें.
आंदोलन के समय साथ आते तो न देखना पड़ता ये दिन
राकेश टिकैत ने याद दिलाया कि किसान आंदोलन के दौरान अगर चौटाला परिवार और उनके विधायक सरकार से बाहर आकर किसानों के साथ खड़े होते, तो आज उन्हें गांवों में विरोध का सामना नहीं करना पड़ता. उन्होंने कहा कि अभी भी वक्त है, दुष्यंत चौटाला को अपनी गलतियों के लिए माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा हरियाणा के किसानों की नाराजगी कम नहीं होगी.
बायोमेट्रिक और वोटर लिस्ट पर सवाल
सरकार द्वारा किसानों के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम अनिवार्य करने पर टिकैत ने कहा कि सरकार को पहले किसान कमेटियों को बुलाकर इसके फायदे और नुकसान पर संतुष्ट करना चाहिए. साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में वोट काटने का काम बहुत तेजी से चल रहा है, जो चिंता का विषय है.
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