जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के बीच किसान नेता राकेश टिकैत पहुंचे. दिल्ली में पुलिस लाठीचार्ज के बाद जंतर-मंतर पहुंचकर उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और उनके आंदोलन का खुलकर समर्थन किया. टिकैत ने कहा कि जिन बच्चों को लाठियां लगी हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है; लाठी लगने से ही इंसान पक्का आंदोलनकारी बनता है, जो आने वाले 50 सालों तक देश के लिए काम करेगा.
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राकेश टिकैत ने प्रदर्शनकारियों को सचेत करते हुए कहा कि सरकार आंदोलन और आंदोलनकारियों को खत्म करना चाहती है. उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए तरह-तरह के आरोप लगाए जाएंगे, जैसे फंडिंग पाकिस्तान या अफगानिस्तान से हो रही है, लेकिन इनसे घबराना नहीं है. टिकैत ने युवाओं को आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चलाने, पुलिस पर हाथ न उठाने और भूख हड़ताल जैसा रास्ता न अपनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि "राजा तानाशाह है और दयावान नहीं है, इसलिए खा-पीकर लड़ाई लड़नी होगी."
टिकैत ने आंदोलन में हिंसा भड़काने वालों की पहचान करने का तरीका भी बताया. उन्होंने कहा कि जो हाथ में डंडा लेकर पुलिस पर पथराव या मारपीट करे, वही आंदोलन को बिगाड़ना चाहता है. इसके साथ ही उन्होंने छात्रों से यहां आने वाले सभी प्रदर्शनकारियों का एक रजिस्टर में रिकॉर्ड रखने को कहा, ताकि आगे के लिए युवाओं की एक मजबूत टीम बनाई जा सके. टिकैत ने भरोसा दिलाया कि देश का किसान और मजदूर इस लड़ाई में युवाओं के साथ खड़ा है और संयुक्त किसान मोर्चा जल्द ही रणनीति बनाकर एक दिन के बड़े प्रदर्शन का आह्वान करेगा.
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