"मैं उसे CM बनाना चाहता था..." दुष्यंत चौटाला पर दादा रामकुमार गौतम का सबसे बड़ा और सनसनीखेज खुलासा!

हरियाणा के वरिष्ठ नेता दादा रामकुमार गौतम ने पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला पर तीखा हमला बोला है. गौतम ने दावा किया कि वे दुष्यंत को सीएम बनाना चाहते थे, लेकिन उनके बच्चों जैसे जिद और अहंकार के कारण जेजेपी का पतन हो गया.

Dushyant Chautala statement
Dushyant Chautala

न्यूज तक डेस्क

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हरियाणा की राजनीति में अपनी बेबाकी और अनूठे अंदाज के लिए मशहूर वरिष्ठ नेता दादा रामकुमार गौतम ने जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला पर एक बार फिर तीखा जुबानी हमला बोला है. रामकुमार गौतम ने पुराने दिनों को याद करते हुए बड़ा दावा किया कि वे कभी दुष्यंत चौटाला को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते थे, लेकिन दुष्यंत ने अपनी गलतियों और जिद के कारण वह मौका गंवा दिया.

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"मैंने कहा था इसे हाफ वाली कुर्सी पर बिठाऊंगा"

मीडिया से बातचीत के दौरान रामकुमार गौतम ने विधानसभा का एक किस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक बार उनसे मजाक में कहा था कि 'अपने पोते (दुष्यंत) को चाय पिला दो'. इस पर गौतम ने जवाब दिया था कि वे तो दुष्यंत को 'हाफ वाली कुर्सी' (डिप्टी सीएम या अहम पद) पर बिठाने की सोच रहे थे. दादा गौतम ने तंज कसते हुए कहा कि दुष्यंत पढ़ा-लिखा और काबिल लड़का था, लेकिन वह "खोपरधन की बोरी" (अहंकार या लालच) में ऐसा फंसा कि बाहर ही नहीं निकल पाय.

बच्चों जैसी जिद ने बिगाड़ा खेल

रामकुमार गौतम ने दुष्यंत चौटाला की तुलना एक नासमझ बच्चे से करते हुए कहा कि जैसे कोई बालक जिद करता है कि 'मुझे तो हेलीकॉप्टर चाहिए या रेल चाहिए', वैसे ही दुष्यंत ने सारे अहम मंत्रालय खुद अपने पास रख लिए. उन्होंने कहा, "अगर दुष्यंत मुझे अपने साथ रखता, तो मैं उसे कोई गलती नहीं करने देता और उसका रास्ता सीधे मुख्यमंत्री बनने की तरफ जाता".

जाट समाज और राजनीति पर बोले दादा

रामकुमार गौतम ने दुष्यंत की हालिया राजनीतिक स्थिति पर भी चुटकी ली. उन्होंने कहा कि लोग रोज़-रोज़ बेवकूफ नहीं बनते. आज जाट कौम बहुत आगे निकल चुकी है; युवा आईएएस, आईपीएस बन रहे हैं और विदेशों में पढ़ रहे हैं, वे अब इनके बहकावे में आने वाले नहीं हैं, उन्होंने चौटाला परिवार के पुराने बयानों को याद दिलाते हुए आरोप लगाया कि एक समय पर इन्होंने कहा था कि बीजेपी और ब्राह्मणों का नामोनिशान मिटा देंगे, लेकिन आज खुद इनका ही राजनीतिक नुकसान हो चुका है.

 

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