अहिरवाल से बाहर पहली बार मना राव तुलाराम का शहीदी दिवस, हांसी के मंच से राव इंद्रजीत सिंह ने दिया एकता का बड़ा संदेश

न्यूज तक डेस्क

• 04:37 PM • 24 Sep 2026

1857 के महानायक अमर शहीद राव तुलाराम के शहीदी दिवस पर हांसी में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने प्रतिमा का अनावरण किया. इस दौरान उन्होंने अहिरवाल क्षेत्र से बाहर पहली बार आयोजित समारोह में 36 बिरादरी की एकजुटता और राजनीतिक ताकत पर जोर दिया.

इंद्रजीत सिंह
इंद्रजीत सिंह
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1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत और अहिरवाल के प्रतीक अमर शहीद राव तुलाराम का शहीदी दिवस इस बार एक नए अंदाज में मनाया गया. इतिहास में पहली बार अहिरवाल क्षेत्र (दक्षिणी हरियाणा) से बाहर हिसार जिले के हांसी में यादव सभा द्वारा राज्य स्तरीय शहीदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे और प्रतिमा का अनावरण किया.

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने न केवल राव तुलाराम के बलिदान को याद किया, बल्कि प्रदेश की राजनीति और समाज में 36 बिरादरी की एकजुटता का बड़ा संदेश भी दिया.

अगर हम बिखरे तो नुकसान होगा

हांसी की धरती से हुंकार भरते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि 1857 की क्रांति में 36 बिरादरी ने मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ी थी. आज भी समाज और राजनीति में वही एकजुटता जरूरी है.

उन्होंने पूर्व सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह के बयानों का समर्थन करते हुए कहा:

"अगर हम सब 36 बिरादरी के लोग मुट्ठी की तरह बंद होकर एकजुट रहेंगे, तो आने वाले समय में भी शासन हमारा ही होगा. लेकिन अगर हम आपस में बंट गए और बिखर गए, तो विरोधी ताकतें हमें बांटकर कमजोर कर देंगी."

राव इंद्रजीत ने पुराने पेप्सू (PEPSU) राज्य के दौर का उदाहरण देते हुए सचेत किया कि जब-जब समाज में फूट पड़ी है, तब-तब लोगों को अधिकार से वंचित होना पड़ा है.

रूस के आर्काइव्स से निकाला राव तुलाराम का पत्र

केंद्रीय मंत्री ने 2004 का एक ऐतिहासिक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि जब वे विदेश राज्य मंत्री थे, तब रूस के राजदूत उनसे साउथ ब्लॉक में मिलने आए थे. रूसी राजदूत ने बताया कि रूस के इतिहास और पुस्तकालय के रिकॉर्ड (Archives) के मुताबिक, रूस अगर 1857 में भारत का कोई पहला अधिकारिक एंबेसडर (दूत) मानता था, तो वे राव तुलाराम ही थे.

राव तुलाराम ने बुंदेलखंड और राजस्थान की रियासतों को एकजुट कर विदेशी ताकतों के खिलाफ अभियान चलाया था.

अहिरवाल से बाहर नई शुरुआत

राव इंद्रजीत सिंह ने हांसी में करोड़ों रुपये की हाईवे की जमीन यादव सभा को दान देने वाले दानवियों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि अहिरवाल से बाहर इस तरह के आयोजन की शुरुआत एक नई क्रांति की तरह है. मंच से ऐलान किया गया कि हांसी के बाद अगला बड़ा शहीदी कार्यक्रम हिसार में आयोजित किया जाएगा.

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, भिवानी-महेंद्रगढ़ से सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह, नारनौल विधायक ओम प्रकाश यादव, बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, पटौदी विधायक विमला चौधरी, पूर्व विधायक बहादुर सिंह सहित कई गणमान्य नेता और 36 बिरादरी के लोग मौजूद रहे.