Sahil Ahlawat Murder: धासा गांव के मंदिर से नई गिरफ्तारी, 22 लाख का भी जिक्र, अब सॉल्व हुआ पूरा केस

झज्जर पुलिस ने साहिल अहलावत हत्याकांड को सुलझाते हुए दो मुख्य आरोपियों को ढासा गांव के मंदिर से गिरफ्तार किया है. इस हत्या के पीछे ₹22 लाख के लेनदेन का विवाद और सरेराह हुई पिटाई के वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की रंजिश मुख्य वजह निकलकर सामने आई है.

शाहिल मर्डर केस
शाहिल मर्डर केस

न्यूज तक डेस्क

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हरियाणा के झज्जर जिले के डीगल गांव के चर्चित साहिल उर्फ सोनू अहलावत हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने मामले के दो मुख्य आरोपियों, योगेश उर्फ योगी और संदीप उर्फ लीला को गिरफ्तार कर लिया है. इन दोनों की गिरफ्तारी दिल्ली-नजफगढ़ बॉर्डर के पास स्थित ढासा गांव के एक मंदिर से हुई है, जहां वे छिपकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है.

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क्यों की गई साहिल की हत्या? 

पुलिस की जांच में साहिल की हत्या के पीछे दो मुख्य कारण निकलकर सामने आए हैं:

अपमान का बदला: कुछ समय पहले डीगल चौक पर साहिल के चचेरे भाई ने आरोपी योगेश उर्फ योगी की सरेराह पिटाई की थी. साहिल ने इस पिटाई का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था. अपनी इस सार्वजनिक बेइज्जती और अपमान का बदला लेने के लिए योगेश के मन में साहिल के प्रति भारी रंजिश थी.

₹22 लाख का लेनदेन: दूसरा मुख्य आरोपी संदीप उर्फ लीला था, जिसने मृतक साहिल से ₹22 लाख उधार ले रखे थे. साहिल बार-बार अपने पैसे वापस मांग रहा था और लीला पर दबाव बना रहा था. लीला के मन में लालच आ गया और वह पैसे वापस नहीं करना चाहता था.

मंदिर से हुई गिरफ्तारी, 11 गोलियां लगी थीं साहिल को

योगी और लीला ने हाथ मिलाया और साहिल को रास्ते से हटाने की साजिश रची. 8 तारीख को साहिल पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं. पुलिस के अनुसार, करीब 16-17 राउंड फायरिंग हुई थी, जिसमें से 11 गोलियां साहिल को लगी थीं. इस मामले में पुलिस पहले ही शिवम नाम के एक आरोपी सहित चार अन्य लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी ढासा गांव के एक मंदिर से की गई, जिसका वीडियो भी अब सामने आया है.

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

जिला पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी की जा सके. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों का संबंध किसी गैंग से है या ये सिर्फ आपसी रंजिश का मामला है. फिलहाल मुख्य आरोपियों के पकड़े जाने से पुलिस ने इस गुत्थी को पूरी तरह सुलझा लेने का दावा किया है.

 

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