हरियाणा के झज्जर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. तीन हत्याओं के मुख्य आरोपी और कुख्यात बदमाश संजय बिरधाना को पुलिस ने शुक्रवार देर रात एक मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मार गिराया. पुलिस जहां इसे एक बड़ी कामयाबी मान रही है, वहीं दूसरी तरफ संजय बिरधाना के परिजनों ने इस एनकाउंटर को पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत करार दिया है. परिजनों का आरोप है कि पुलिस कहानी छिपा रही है और सच्चाई सामने नहीं ला रही है.
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पुलिस कस्टडी में था संजय
संजय बिरधाना के एनकाउंटर के बाद उसके परिवार वाले पुलिस की इस कार्रवाई पर भड़क गए हैं. मृतक बदमाश के परिजनों (जिनमें एक रिटायर्ड पुलिस एसएचओ भी शामिल हैं) का सीधा आरोप है कि पुलिस ने संजय को पहले से ही अपनी हिरासत (कस्टडी) में ले रखा था. उनके मुताबिक, यह कोई अचानक हुई मुठभेड़ नहीं बल्कि पूरी प्लानिंग के तहत किया गया एक फर्जी एनकाउंटर है.
परिजनों ने पुलिस की एफआईआर (FIR) पर सवाल उठाते हुए कहा:
"हमने आज तक ऐसी एफआईआर नहीं देखी जहां कोई अपराधी अंधेरे में, खेतों के बीच पैदल ही वारदात करने पहुंच जाए. अगर कोई किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या भागने के इरादे से आएगा, तो वह कोई न कोई गाड़ी या व्हीकल जरूर साथ लाएगा. पुलिस की यह थ्योरी पूरी तरह से डाउटफुल (संदेहास्पद) है."
इसके अलावा, परिवार ने यह भी शिकायत की कि उन्हें रात से ही संजय के शव को ठीक से देखने नहीं दिया गया और फॉरेंसिक टीम ने भी मौके के बजाय सीधे अस्पताल या अन्य जगह पर जांच शुरू कर दी, जिससे उनका संदेह और गहरा गया है.
अपराध की दुनिया में कैसे आया संजय बिरधाना?
संजय बिरधाना मूल रूप से एक ठीक-ठाक किसान परिवार से ताल्लुक रखता था. उसके परिवार में माता-पिता, एक बहन और उसका 5 साल का बेटा है. आर्थिक रूप से परिवार को कोई परेशानी नहीं थी और न ही कोई पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड था. लेकिन पिछले कुछ सालों में संजय ने जुर्म की दुनिया में कदम रख दिया.
पहला मर्डर (2021): संजय का नाम सबसे पहले 28 मार्च 2021 को चर्चा में आया, जब उसने गांव दुजाना के रहने वाले अनिल सैनी की खेतों के रास्ते के विवाद को लेकर गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस मामले में वह जेल भी गया, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से एक्टिव हो गया.
दूसरा मर्डर (2026): इसके बाद इसी साल 3 मार्च 2026 (होली/फाग के दिन) संजय ने अपनी ही पत्नी अंजलि को फोन करके घर से बाहर बुलाया और अपने साथी इंद्रपाल के साथ मिलकर उसकी सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी.
तीसरा मर्डर (मई 2026): पत्नी की हत्या के बाद संजय ने अनिल सैनी हत्याकांड के मुख्य गवाह और अनिल के पिता विजय सैनी को अपना निशाना बनाया. 31 मई 2026 को उसने अपने साथियों के साथ मिलकर खेत से लौट रहे विजय सैनी पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें विजय सैनी को 7 गोलियां लगीं और उनकी मौत हो गई.
हिट लिस्ट में था साला, पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल
पुलिस के मुताबिक, 3 हत्याएं करने के बाद संजय बिरधाना की हिट लिस्ट में अगला नाम उसके सगे साले का था. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि संजय कड़ौदा क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है. सूचना मिलते ही सीआईए (CIA) स्टाफ और स्पेशल स्टाफ झज्जर की टीमों ने इलाके की घेराबंदी की.
कड़ौदा गांव के पास हुई इस मुठभेड़ में बदमाश संजय को 3 गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस क्रॉस-फायरिंग में पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर संयम की बाजू में गोली लगी, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने की वजह से बाल-बाल बच गए. फिलहाल, पुलिस के दावों के बीच संजय बिरधाना का अंतिम संस्कार कर दिया गया है, लेकिन परिजनों के इन गंभीर आरोपों के बाद अब यह देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कानूनी या प्रशासनिक मोड़ आता है.
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