हरियाणा में लंबे समय के बाद किसी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी की कमान किसी महिला नेता को सौंपी गई है. अर्चना गुप्ता की इस ताजपोशी के मौके पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें भाजपा के प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया समेत कई दिग्गज नेता मंच पर मौजूद थे.
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भाषण के दौरान सतीश पूनिया ने जैसे ही पुरुषों की खुशी पर सस्पेंस जताया, पूरा पंडाल हंसी से गूंज उठा. इसके बाद उन्होंने मंच पर मौजूद अन्य नेताओं की तरफ इशारा करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि जितने भी लोग मंच पर बैठे हैं, वे दिल पर हाथ रखकर ईमानदारी से बताएं कि इस फैसले से उनके दिल को कितनी ठंडक पहुंची है.
पीएम मोदी के नारे का किया जिक्र
हंसी-मजाक के बाद सतीश पूनिया ने गंभीर रुख अपनाते हुए हरियाणा में महिलाओं की स्थिति और सरकार के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि एक समय था जब हरियाणा में लिंगानुपात (Sex Ratio) देश में सबसे कम था, जो एक बड़ी चुनौती थी. लेकिन साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी हरियाणा की धरती से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का ऐतिहासिक नारा दिया था.
पूनिया ने कहा कि आज इस नारे का असर साफ दिख रहा है; बेटियां न सिर्फ बच रही हैं और पढ़ रही हैं, बल्कि फाइटर प्लेन भी उड़ा रही हैं. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने बालिकाओं के लिए 'लाडो लक्ष्मी' जैसी बेहतरीन योजनाएं लागू की हैं. ऐसे माहौल में अर्चना गुप्ता का प्रदेश अध्यक्ष बनना बेहद वाजिब, जायज और जरूरी था.
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