कौन हैं DG शत्रुजीत कपूर? चीन पर बयान देकर फिर चर्चा में आए विवादित IPS अधिकारी, जानें उनकी पूरी कुंडली

न्यूज तक डेस्क

• 04:55 PM • 24 Oct 2026

ITBP के डीजी शत्रुजीत कपूर अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ टकराव और पारंपरिक हथियारों को नाकाफी बताने वाले बयान के कारण सुर्खियों में हैं, जिसे लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है.

शत्रुजीत कपूर
शत्रुजीत कपूर
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ITBP के मौजूदा DG शत्रुजीत कपूर एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. चर्चा में आने की वजह है उनका चीन को लेकर दिया गया बयान. शत्रुजीत कपूर ने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में चीन के सैनिकों के साथ आमने-सामने टकराव की स्थिति बनी है. उन्होंने ये भी दावा किया कि हमारे पारंपरिक हथियार चीन से सामना करने के लिए काफी नहीं होंगे, इस मामले में चीन काफी आगे निकल गया है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है. इसी नए मामले को लेकर शत्रुजीत कपूर चर्चा में हैं. 

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शत्रुजीत कपूर इससे पहले 2025 में भी चर्चा में रहे थे. उस वक्त ये हरियाणा के DGP यानी पुलिस महानिदेशक के पद पर थे. क्या हैं इनके हरियाणा से जुड़े विवाद, ये हम आपको इस रिपोर्ट में आगे बताने जा रहे हैं. 

अक्तूबर 2025 की बात है जब हरियाणा कैडर के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर अपनी जान दे दी थी. दावे के मुताबिक मौत से पहले उन्होंने 8-9 पन्नों का नोट छोड़ा था. इस नोट में वाई. पूरन कुमार ने तत्कालीन DGP शत्रुजीत कपूर समेत कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे. नोट में आरोप था कि उनके साथ खुलेआम जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न, और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने जैसी प्रताड़नाएं दी गईं. 

हरियाणा सरकार ने पहले शत्रुजीत कपूर को लंबी छुट्टी पर भेजा

इस मामले चंडीगढ़ पुलिस ने तत्कालीन डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत कई के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. इस घटना के बाद विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का भारी दबाव बढ़ा, जिसके बाद हरियाणा सरकार ने पहले शत्रुजीत कपूर को लंबी छुट्टी पर भेजा और फिर दिसंबर 2025 में उन्हें डीजीपी के पद से पूरी तरह कार्यमुक्त कर दिया था. 

उस वक्त हरियाणा सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए DGP शत्रुजीत कपूर को उनके पद से हटा दिया. तब वो कदम ऐसे समय पर उठाया गया था, जब शत्रुजीत पहले ही दो महीने की छुट्टी पर भेजे जा चुके थे. सरकार ने साफ किया कि 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह अगले आदेश तक कार्यवाहक डीजीपी बने रहेंगे, जबकि 1990 बैच के अधिकारी शत्रुजीत कपूर को हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया है. तब शत्रुजीत कपूर कई दिनों तक चर्चा में रहे थे. इस पूरे मामले को लेकर कई दिनों तक सड़क से सियासत तक चर्चा रही. 

इसके पहले भी शत्रुजीत कपूर विवादों में आए चुके हैं. अगस्त 2023 में जब शत्रुजीत कपूर को हरियाणा का डीजीपी बनाया गया था, तब उन पर आरोप लगा था कि मुख्यमंत्री के करीबी होने के कारण सीनियर अधिकारियों को दरकिनार कर उन्हें यह पद दिया गया. आरोपों के मुताबिक 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी कपूर की ये नियुक्ति दो वरिष्ठ अधिकारियों की वरिष्ठता को दरकिनार कर की गई थी. 

2016 में चर्चा में आए थे

इससे पहले साल 2016 में हरियाणा के हिंसक जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान शत्रुजीत कपूर की भूमिका और कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगे थे. उस समय शत्रुजीत हरियाणा पुलिस में एडीजीपी सीआईडी के पद पर तैनात थे. उस दौरान हुई बड़े पैमाने पर हिंसा और कानून-व्यवस्था के चरमराने को लेकर 'प्रकाश सिंह कमेटी' की जांच रिपोर्ट में पुलिस के शीर्ष नेतृत्व की रणनीतिक चूक का जिक्र था और उनकी कार्यशैली पर भी सवाल उठे थे. 

हरियाणा में 2025 में हुई घटना के बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत सिंह कपूर को 15 जनवरी 2026 को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी ITBP का DG नियुक्त किया गया था. अब ITBP के DG बनने के बाद शत्रुजीत चर्चा में आ गए हैं. चीन और अरुणाचल वाले मामले को लेकर सियासत गरम है और कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार को घेर रही है. 

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