वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर स्वीटी बूरा और भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान दीपक हुड्डा का वैवाहिक रिश्ता अब आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया है. लंबे समय से चल रहे विवाद और कानूनी खींचतान के बाद, दोनों ने हिसार कोर्ट में आपसी सहमति से तलाक ले लिया है. इस तलाक की सबसे बड़ी बात यह रही कि दोनों के बीच किसी भी तरह के मुआवजे (कंपनसेशन) का लेनदेन नहीं हुआ.
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आपसी सहमति से हुआ फैसला
तलाक की प्रक्रिया के दौरान पहले स्वीटी बूरा ने 50 लाख रुपये गुजारा भत्ता और 1.5 लाख रुपये मासिक खर्च की मांग की थी. हालांकि, बाद में दोनों पक्षों ने बिना किसी वित्तीय शर्तों के अलग होने का निर्णय लिया. हिसार कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद इस चर्चित खेल जोड़ी के रिश्ते का अंत हो गया.
गंभीर आरोपों से घिरा रहा विवाद
स्वीटी बूरा और दीपक हुड्डा की शादी जुलाई 2022 में हुई थी. लेकिन 2025 की शुरुआत में यह रिश्ता सार्वजनिक विवादों में घिर गया. स्वीटी बूरा ने दीपक हुड्डा पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट, पासपोर्ट छीनने और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. विवाद इतना बढ़ गया था कि एक बार महिला थाने में दोनों के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई थी.
राजनीति में भी रहे सक्रिय
दोनों खिलाड़ी खेल के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं. साल 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले दोनों ने बीजेपी (BJP) जॉइन की थी. [01:15] दीपक हुड्डा ने महम विधानसभा सीट से बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां वह तीसरे नंबर पर रहे थे. स्वीटी बूरा ने भी बरवाला सीट से टिकट की मांग की थी, लेकिन टिकट न मिलने के बावजूद उन्होंने महम में दीपक हुड्डा के लिए प्रचार किया था.
मैराथन से शुरू हुई थी प्रेम कहानी
स्वीटी और दीपक की मुलाकात साल 2015 में एक मैराथन के दौरान हुई थी. यहीं से उनकी दोस्ती शुरू हुई जो बाद में प्यार में बदल गई. लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने शादी की थी. लेकिन शादी के कुछ साल बाद ही आई दरार ने इस खेल जगत की मशहूर जोड़ी को अलग कर दिया. हिसार कोर्ट के इस फैसले के साथ ही दोनों के बीच चल रहा लंबा कानूनी और निजी विवाद अब समाप्त हो गया है.
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