टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में सोनीपत पहुंची मुंबई पुलिस, अमर के चाचा ने बताई पूरी कहानी

पवन राठी

• 03:50 PM • 01 Nov 2026

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले की जांच सोनीपत पहुंच गई है. मुंबई पुलिस अमर कुमार से पूछताछ कर रही है. उसके चाचा का दावा है कि अमर के खाते में Google Pay से किसी दूसरे व्यक्ति ने पैसे भेजे थे. परिवार ने उसे बेकसूर बताते हुए सरकार से मदद की अपील की है.

Tiger Shroff firing case
Tiger Shroff firing case
Google CTA

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले की जांच अब हरियाणा के सोनीपत तक पहुंच गई है. मुंबई पुलिस इस मामले में सोनीपत के रहने वाले अमर कुमार से पूछताछ कर रही है. अमर के चाचा का दावा है कि उनका भतीजा निर्दोष है. उन्होंने बताया कि अमर के बैंक खाते में किसी दूसरे व्यक्ति ने Google Pay के जरिए पैसे ट्रांसफर किए थे. इसी लेन-देन को लेकर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.

Read more!

अमर के चाचा के मुताबिक, पुलिस ने उसे परसों हिरासत में लिया था. हालांकि, परिवार ने खुद ही उसे पुलिस के सामने पेश किया था. उनका कहना है कि अभी तक पुलिस ने परिवार को जांच से जुड़ी कोई खास जानकारी नहीं दी है.

10वीं पास है अमर, प्राइवेट कंपनी में करता है काम

अमर कुमार ने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है. वह एक प्राइवेट कंपनी में डिलीवरी बॉय का काम करता है. उसके चाचा ने बताया कि अमर पिछले तीन से चार साल से काम कर रहा है. परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है. उसके माता-पिता मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं.

अमर के चाचा ने बताया कि पुलिस शुरुआती जांच में उसके फोन और खाते में पैसों के लेन-देन की बात कह रही है. पुलिस के मुताबिक, उसके फोन में पैसे आए थे. इस पर चाचा का कहना है कि संभव है किसी राहगीर ने मदद मांगते हुए उसके खाते में पैसे ट्रांसफर करवाए हों.

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति को फोन में पैसे ट्रांसफर करने में परेशानी हो और वह किसी दूसरे से मदद मांगे, तो संभव है कि अमर ने उसकी मदद की हो. चाचा का दावा है कि इसी तरह के लेन-देन को गलत समझा जा रहा है.

सरकार से परिवार ने लगाई मदद की गुहार

अमर के चाचा ने सरकार से अपील की है कि गरीब परिवारों के बच्चों को बेवजह परेशान नहीं किया जाए. उनका कहना है कि परिवार मेहनत-मजदूरी करके अपना गुजारा करता है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी ने मदद के लिए अमर के खाते में पैसे भेजे थे, तो इसके लिए उसे आरोपी क्यों माना जा रहा है.

परिवार का कहना है कि अभी तक पुलिस के साथ उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है. अमर के चाचा उसे बेकसूर बता रहे हैं. अब इस मामले में मुंबई पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि अमर की भूमिका क्या थी और उसके खाते में आए पैसों का फायरिंग मामले से क्या संबंध है.