Rao Inderjit Singh: केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का एक ताजा बयान सुर्खियों में हैं. राजस्थान के झुंझुनूं जिले के सोहली गांव में एक कार्यक्रम के दौरान राव इंद्रजीत सिंह का दर्द एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर छलक पड़ा. उन्होंने कहा कि वे सरकारें तो बनवाते हैं, लेकिन उसके बदले में उन्हें और उनके समर्थकों को जो हक या 'वाजिब इनाम' मिलना चाहिए, वह नहीं मिलता.
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'हमारे बिना सत्ता में नहीं आती पार्टी'
उन्होंने कहा, "कुछ लोग कहते हैं कि अगर इंद्रजीत सीएम से नहीं लड़ते तो हमें कोई पद या चेयरमैनी मिल जाती. लेकिन मैं कहता हूं कि अगर हम साथ नहीं देते, तो यह पार्टी सत्ता में ही नहीं आती. फिर आप कहां होते?"
अहीर रेजिमेंट पर भेदभाव का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने सेना में अहीर रेजिमेंट न बनने पर भी गहरा रोष व्यक्त किया. उन्होंने इसका संबंध इतिहास से जोड़ते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, शायद इसीलिए अहीर रेजिमेंट की राह में रोड़े अटकाए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ लगातार भेदभाव होता रहा है.
'विशाल हरियाणा' का अधूरा सपना
अपने पिता राव बिरेंद्र सिंह को याद करते हुए उन्होंने कहा कि कभी 'विशाल हरियाणा' बनाने का लक्ष्य था. इसमें दिल्ली को राजधानी बनाने और राजस्थान के अलवर व यूपी के मेरठ जैसे इलाकों को जोड़ने की योजना थी. राव ने भावुक होते हुए कहा कि आज वे जो कुछ भी हैं, जनता के प्यार की वजह से हैं. जनता ने उन्हें 10 बार चुनाव जिताया है, इसी ताकत के दम पर वे आज मंच से अपनी बात रख पा रहे हैं.
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