शूज खरीदने में 4 दुकान और शादी के फैसले में जल्दबाजी? Gen Z के बीच वायरल ताई सावित्री ने दी जिंदगी की सबसे बड़ी सीख

सोनिया सत्यानीता

16 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 16 2026 10:14 AM)

'हरियाणा तक' के पॉडकास्ट में वायरल 'ताई सावित्री' ने बच्चों की परवरिश, समाज की रूढ़ियों और महिलाओं के अधिकारों पर अपने बेबाक विचार रख. उन्होंने माता-पिता को बच्चों की तुलना दूसरों से न करने की सलाह देते हुए युवाओं को अपने हक के लिए खुद लड़ने का संदेश दिया.

ताई सावित्री
ताई सावित्री
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सोशल मीडिया पर अपने बेबाक अंदाज और देसी बयानों से तहलका मचाने वाली 'ताई सावित्री' इन दिनों इंटरनेट सेंसेशन बनी हुई हैं. हाल ही में 'हरियाणा तक' के खास पॉडकास्ट में ताई सावित्री ने शिरकत की, जहां उन्होंने बच्चों की परवरिश, खाप पंचायतों, महिलाओं पर पाबंदियों और समाज की दबी हुई सोच पर खुलकर अपनी बेबाक राय रखी. 

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बच्चों की तुलना पर ताई का तीखा सवाल

इंटरव्यू के दौरान ताई सावित्री ने माता-पिता द्वारा बच्चों की तुलना पड़ोसी या अन्य बच्चों से किए जाने पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि मां-बाप अक्सर बच्चों को ताना मारते हैं कि पड़ोस वाले के नंबर ज्यादा आए या वह बड़ा होकर कुछ बन गया. इस पर ताई ने मजेदार अंदाज में कहा कि अगर बच्चे भी मां-बाप से यह पूछने लगें कि "आपकी उम्र में तो इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बन गई थीं और पापा की उम्र के लोग बड़े बिजनेसमैन हैं, आप क्यों नहीं बन पाए?" तो माता-पिता का दिल जरूर दुखेगा. उन्होंने सलाह दी कि बच्चों पर मानसिक दबाव न डालें, बल्कि उनके दोस्त बनें और उनकी रुचि को समझें.

महिलाओं की आजादी और समाज की पुरानी सोच पर वार

समाज में औरतों और खाप पंचायतों द्वारा लगाई जाने वाली पाबंदियों पर ताई सावित्री ने तीखे तेवर दिखाए. उन्होंने कहा कि औरतें समाज में बराबर की हिस्सेदार हैं. बच्चों की पैदाइश और परवरिश को लेकर उन्होंने पुराने सामाजिक ढर्रे पर तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ बच्चे पैदा कर देना ही सब कुछ नहीं होता, बल्कि नई पीढ़ी को मानसिक रूप से स्वतंत्र और खुश रखना जरूरी है. 

जूते खरीदने और शादी के फैसले में अंतर

जिंदगी के बड़े फैसलों, खासकर शादी को लेकर ताई ने बेहद दिलचस्प मिसाल दी। उन्होंने कहा कि लोग चार-पांच दुकानों पर जाकर बहुत सोच-समझकर जूता खरीदते हैं, जबकि जूता 6 महीने या साल भर चलता है, वहीं, शादी का रिश्ता 40-50 साल चलता है, इसलिए जीवनसाथी चुनते समय जल्दबाजी नहीं बल्कि सूझबूझ की जरूरत होती है. 

वीडियो बनाने का शौक और परिवार का सपोर्ट

सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने के सफर के बारे में बात करते हुए ताई ने बताया कि उन्हें वीडियो बनाने का बेहद शौक है और इसमें उनके परिवार का पूरा समर्थन मिलता है। हिंदी पढ़ने और लिखने में सहज ताई ने हंसते हुए कहा कि वह अपने विचारों से समाज में बदलाव लाना चाहती हैं और युवाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए खुद लड़ें, उनका आशीर्वाद हमेशा युवाओं के साथ है.

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