Who is Archana Gupta: हरियाणा में बीजेपी का बड़ा दांव: डॉ. अर्चना गुप्ता बनीं प्रदेश अध्यक्ष, CM नायब सैनी ने बताया ऐतिहासिक फैसला
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हरियाणा की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी के संगठन में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने डॉ. अर्चना गुप्ता को हरियाणा भारतीय जनता पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. इस नियुक्ति के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक ऐतिहासिक फैसला बताया. सीएम सैनी ने कहा कि यह फैसला हरियाणा की माताओं, बेटियों और संघर्ष करने वाली हर महिला का सम्मान है.
सीएम नायब सैनी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
डॉ. अर्चना गुप्ता की ताजपोशी पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, "आज का दिन हमारे लिए बेहद ऐतिहासिक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष और मनोहर लाल जी के आशीर्वाद से यह बड़ा फैसला लिया गया है. डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से पूरे हरियाणा के कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है." उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी का जो महिला सशक्तिकरण का विज़न है, यह फैसला उसी की एक जीती-जागती मिसाल है.
पेशे से रेडियोलॉजिस्ट हैं डॉ. अर्चना गुप्ता, ऐसा रहा है सफर
हरियाणा भाजपा के इतिहास में यह सिर्फ दूसरा मौका है जब किसी महिला को प्रदेश अध्यक्ष जैसी बेहद अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. डॉ. अर्चना गुप्ता का राजनीतिक और सामाजिक सफर काफी लंबा और जमीनी रहा है.
डॉ. अर्चना गुप्ता पेशे से एक रेडियोलॉजिस्ट हैं और उन्होंने पीजीआई रोहतक (PGI Rohtak) से एमडी (MD) की डिग्री हासिल की है.
साल 2010 से 2016 तक वह विश्व हिंदू परिषद (VHP) में जिला सहसंयोजिका, संयोजिका और हरियाणा की उपाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर रहीं.
भाजपा मुख्यधारा में आने के बाद उन्होंने महिला मोर्चा में सक्रिय काम किया. साल 2020 में वह पानीपत बीजेपी की पहली महिला जिला अध्यक्ष बनीं. इसके बाद जनवरी 2024 में संगठन के फेरबदल के दौरान उन्हें हरियाणा बीजेपी का प्रदेश महामंत्री बनाया गया था, जहां उन्होंने बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने का काम किया.
हरियाणा की राजनीति में क्या हैं इसके सियासी मायने?
इस बदलाव के साथ ही हरियाणा के सियासी गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या इस बड़े उलटफेर से प्रदेश के जातीय समीकरणों पर कोई असर पड़ेगा. हरियाणा में करीब 10 से 12 फीसदी ब्राह्मण मतदाता हैं, जो लगभग 12 विधानसभा सीटों और 3 लोकसभा सीटों पर सीधा असर डालने की क्षमता रखते हैं.
मोहन लाल बड़ोली की जगह डॉ. अर्चना गुप्ता की इस ताजपोशी को महिला वोट बैंक को साधने और संगठनात्मक मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है. अब देखना यह होगा कि भाजपा का यह दांव आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति को किस ओर ले जाता है.
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