दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान घायल हुईं रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं. एक ओर प्रदर्शन के दौरान घायल होने और एक प्रदर्शनकारी युवती की जान बचाने के उनके दावे की चर्चा है, वहीं दूसरी ओर उनकी इंस्टाग्राम स्टोरी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है.
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प्रदर्शन के दौरान कैसे हुईं घायल?
20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए. पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और सुरक्षाकर्मियों पर जूते, चप्पल और बोतलें फेंकीं. इसी दौरान अफरा-तफरी मच गई.
एक टीवी इंटरव्यू में सोनिया सहरावत ने बताया कि भगदड़ के बीच एक प्रदर्शनकारी लड़की जमीन पर गिर गई थी. उसे सुरक्षित निकालने के प्रयास में वह भी घायल हो गईं और उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया. उन्होंने कहा कि पुलिस और RAF की टीम लगातार प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही थी, लेकिन हालात बिगड़ते चले गए.
दिल्ली पुलिस ने इस घटना के बाद कई एफआईआर दर्ज की हैं. मामले की जांच अभी जारी है.
कौन हैं सोनिया सहरावत?
सोनिया सहरावत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में असिस्टेंट कमांडेंट हैं और वर्तमान में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) में तैनात हैं. RAF देशभर में दंगा नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाली विशेष इकाई है.
हरियाणा के एक सामान्य परिवार से आने वाली सोनिया बचपन से ही वर्दी पहनकर देश सेवा करना चाहती थीं. उनके करियर में नेशनल कैडेट कोर (NCC) ने अहम भूमिका निभाई. बाद में उन्होंने UPSC की सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (Assistant Commandant) परीक्षा पास की और CRPF अधिकारी बनीं.
प्रशिक्षण के दौरान गंभीर चोट लगने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. बताया जाता है कि उस समय उन्हें 52 टांके लगे थे, लेकिन उन्होंने प्रशिक्षण पूरा किया. वह जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाकों में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं.
सोशल मीडिया पर भी हैं लोकप्रिय
ड्यूटी के अलावा सोनिया सहरावत सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं. इंस्टाग्राम पर उनके करीब छह लाख फॉलोअर्स हैं. यहां वह फिटनेस, डांस, ट्रेंडिंग रील्स और वर्दी में अपने अनुभवों से जुड़े पोस्ट साझा करती रहती हैं.
इंस्टाग्राम स्टोरी से क्यों शुरू हुआ विवाद?
घटना के दो दिन बाद सोनिया सहरावत के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर की गई एक स्टोरी का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. स्टोरी में एक मरे हुए कॉकरोच की तस्वीर के साथ लिखा था कि "खुद को ठीक कर नहीं सकते और देश को ठीक करने चले हैं."
इस पोस्ट को CJP समर्थकों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बताया. इसके जवाब में CJP की ओर से सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी गई कि "हम कॉकरोच हैं और कॉकरोच कभी नहीं मरते."
विवाद बढ़ने के बाद संबंधित इंस्टाग्राम स्टोरी हटा दी गई. इस मामले को लेकर CRPF के भीतर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की गई है.
पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर की झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए. घटना के संबंध में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं और पूरे मामले की जांच जारी है. जांच के बाद ही हिंसा और सोशल मीडिया विवाद से जुड़े सभी पहलुओं पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी.
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