'कुच्चू-पुच्चू इस्तीफा दो...': दीपेंद्र हुड्डा ने Gen Z अंदाज में घेरा, देखते रह गए सांसद

न्यूज तक डेस्क

• 02:41 PM • 29 Jul 2026

संसद में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने पेपर लीक और छात्र आंदोलनों पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि सरकार दबाव में आकर बिल लाई है. हुड्डा ने Gen Z युवाओं के अहिंसक विरोध की तारीफ करते हुए मांग की कि NEET पेपर लीक होने पर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए.

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संसद में पेश किए गए नए बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने केंद्र सरकार और उसकी नीतियों पर तीखा हमला बोला. दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार यह बिल किसी मन या नीति से नहीं, बल्कि युवाओं और छात्रों के बढ़ते दबाव और हिलते हुए सत्ता के नरेटिव को देखते हुए आनन-फानन में लेकर आई है.

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दीपेंद्र हुड्डा ने Gen Z (नई पीढ़ी) के विरोध प्रदर्शन के तरीकों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं ने बिना किसी हिंसा के, रील, मीम्स, और गानों के जरिए रचनात्मक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई. उन्होंने युवाओं के नारों और उनके तंज का जिक्र करते हुए संसद में कहा कि आज का युवा लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना जानता है.

हुड्डा ने परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सिर्फ सजा बढ़ाने या फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के खोखले वादों से काम नहीं चलेगा. अगर सरकार सच में जवाबदेही तय करना चाहती है, तो कानून में यह प्रावधान होना चाहिए कि अगली बार यदि NEET या कोई अन्य परीक्षा का पर्चा लीक होता है, तो सबसे पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होगा.

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 सालों में शिक्षा, परीक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. छात्र आंदोलनों को टूलकिट और देशद्रोही बताने के प्रयासों की निंदा करते हुए उन्होंने मांग की कि सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर देश के छात्रों और युवाओं के तनाव और उनके भविष्य पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.