दुबई से इस्राइल के तेल अवीव जा रही फ्लाय दुबई (flydubai) की फ्लाइट की चर्चा जोरों पर है. इस फ्लाइट को क्रैश होने से बचाने वाले हीरो में भारत के स्मित मच्छार हैं. हीरो नंबर 2 हैं इस्राइल के यानीव हायून. पेशे से प्लंबर हायून ने वो कर दिखाया जिसकी किसी को सपने में भी उम्मीद नहीं थी. हायून के एक फैसले से प्लेन में सवार 174 लोगों की जान बच गई. हालांकि हमले वाली इस कहानी के और भी पात्र हैं जिनकी चर्चा इस खबर में हम करने जा रहे हैं. घटना के बाद हायून ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू क्या बताया ? पूरी घटना सिलसिलेवर कैसे हुई ? चलिए बताते हैं.
ADVERTISEMENT
द गार्जियन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्लाइट 35,000 फीट की ऊंचाई पर थी. जो कुछ भी हुई वो किसी हॉलीवुड थ्रिलर फिल्म के खौफनाक सीन से कम नहीं था. फ्लाइट में वो जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया. फ्लाइट नंबर फ्लाइट नंबर: FZ 1073 बोइंग ने दुबई से सुबह 03:05 GMT पर उड़ान भरी. उड़ान भरने के करीब 2 घंटे 15 मिनट बाद, सुबह 05:21 GMT बजे के करीब को पायलट जो ओमान का नागरिक बताया जा रहा है उसने कॉकपिट में मौजूद 'क्रैश Axe' से पायलट स्मित मच्छार पर हमला कर दिया. एक के बाद एक वार से स्मित खुद को संभाल नहीं पाए क्योंकि उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था. को-पायलट ने प्लेन क्रैश करने की नीयत से ऐसा किया. हालांकि इस पूरे मामले पर पायलट का नाम उजागर नहीं किया जा रहा है.
30 सेकेंड में 14000 फीट नीचे आया विमान
स्मित का कंट्रोल पैनल से छूटा और विमान महज 30 सेकेंड में 14 हजार फीट नीचे आ गया. प्लेन आसमान हवा के बीच गोते लगा रही थी. प्लेन में सवार 174 यात्रियों की जान दांव पर लगी थी. हर कोई इस पल को जीवन का आखिरी पल मानते हुए अपनों को याद कर रहा था. आंखों के सामने न जाने कैसे-कैसे मंजर आने लगे. आंखों के आंसू और जुबां पर चीखें थीं. इन्हीं यात्रियों के बीच कुछ जांबाज भी थे जिन्होंने ऐसा कर दिया कि अब पूरी दुनिया में खूब चर्चा हो रही है.
इनमें सबसे हैरान करने वाला रोल निभाया यानीव हायून (Yaniv Hayoun) नाम के एक प्लंबर ने, जिसने प्लेन का कंट्रोल संभाला और मौत के मुंह से विमान को खींच निकाला. चूंकि स्मित आखिरी वक्त तक को-पायलट के साथ लड़ते रहे. जब वे खून से लथपथ होकर नीचे गिरे तब कॉकपिट का रिलीज बटन दबा दिया, जिससे दरवाजा अनलॉक हो गया. दरवाजा खुलते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया. यात्री यानीव हायून, जो पेशे से एक साधारण प्लंबर हैं, वे तुरंत कॉकपिट की तरफ भागे. इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को उस खौफनाक मंजर का आंखों देखा हाल सुनाते हुए प्लंबर यानीव हायून ने बताया-
"हमारे लिए सबसे मुश्किल दृश्य था कैप्टन स्मित मछार का गंभीर रूप से जख्मी होना. वे दरवाजे के ठीक पीछे खून में लथपथ पड़े थे. जैसे ही बाकी लोग हमलावर को-पायलट पर टूटे और उसे जकड़ने लगे, मैंने तुरंत पीछे छलांग लगाई. मुझे उड़ानों का कोई अनुभव नहीं था, लेकिन मैंने टीवी सीरियल्स में उड़ान कंट्रोल करते हुए जैसे देखा था, ठीक वैसे ही कंट्रोल हैंडल को पकड़कर पीछे की तरफ पूरा खींच लिया."
प्लंबर का क्विक एक्शन काम आ गया
एक साधारण प्लंबर का टीवी शो के अनुभव के आधार पर लिया गया यह झटकेदार फैसला रंग लाया और 14,000 फीट से गिरते हुए विमान का नोज (आगे का हिस्सा) थोड़ा ऊपर उठ गया. हालांकि विमान की रफ्तार धीमी थी.
डेंटिस्ट ने हेडफोन के तार से बांधा, दिया फर्स्ट एड
प्लंबर यानीव हायून के साथ कॉकपिट में घुसने वालों में डॉ. शोता मुसाव (Dr. Shota Musaev) नाम के एक डेंटिस्ट भी शामिल थे. डॉ. मुसाव ने जो देखा वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था. हमलावर को-पायलट कैप्टन मछार के ऊपर चढ़कर उनपर लगातार क्रैश Axe से वार कर रहा था.
डॉ. मुसाव ने सीएनएन को क्या बताया ?
"कैप्टन का सिर, हाथ और पूरा शरीर जगह-जगह से बुरी तरह कटा हुआ था. उनके हाथ तो ऐसे लग रहे थे जैसे दो टुकड़ों में कटकर अलग हो जाएंगे. उनका काफी खून बह चुका था और ब्लड प्रेशर गिर रहा था. अगर हम कुछ सेकंड और देर करते, तो हम कैप्टन को खो देते."
डेंटिस्ट मुसाव ने तुरंत मोर्चा संभाला. उन्होंने यात्रियों की मदद से हमलावर को-पायलट को हेडफोन की तारों और प्लास्टिक जिप-टाइज (Zipties) से कसकर बांध दिया. इसके बाद उन्होंने अचेत हो रहे भारतीय कैप्टन स्मित मछार को फर्स्ट-एड दिया और उनके बहते खून को रोकने की कोशिश की.
ऑफ-ड्यूटी पायलट ने कराई इमरजेंसी लैंडिंग
प्लेन का रुख भले ही संभल गया था, लेकिन एरोडायनामिक दबाव इतना जबरदस्त था कि प्लेन के पिछले हिस्से (रडर) का बड़ा हिस्सा उखड़ चुका था. इसी दौरान प्लेन में पैसेंजर के तौर पर सफर कर रहे एक ब्रिटिश और एक यूरोपीय ऑफ-ड्यूटी पायलट (Relief Pilots) दौड़कर कॉकपिट में पहुंचे. उन्होंने प्लंबर हायून से कंट्रोल अपने हाथों में लिया, योक (Yoke) को स्थिर किया और बेहद सुरक्षित तरीके से प्लेन को सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी शहर तबुक (Tabuk) के एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंड करा दिया.
पीएम मोदी और नेतन्याहू ने कहा- 'Real Hero'
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी को सलाम करते हुए लिखा- "कैप्टन स्मित मच्छर एक हीरो हैं. बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए ज़बरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया. उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई. भारत को कैप्टन मच्छर पर गर्व है. हम उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. "
वहीं, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मछार के साथ-साथ प्लंबर यानीव हायून और डेंटिस्ट शोता मुसाव को भी सैल्यूट किया.
विमान का बिना टूटे बच जाना चमत्कार से कम नहीं
एविऐशन एक्सपर्ट्स की मानें तो इतने कम समय में 14,000 फीट तक नीचे गिरे विमान का न टूटकर बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है. फिलहाल मुंबई के रहने वाले कैप्टन स्मित मछार की सऊदी अरब के अस्पताल में सर्जरी हो चुकी है और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. पूरी दुनिया इस भारतीय पायलट, प्लंबर और डेंटिस्ट की जांबाजी को नमन कर रही है.
ADVERTISEMENT


