दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ1073) के दौरान हवा में हुई हिंसक घटना ने पूरी दुनिया की एयरलाइंस सुरक्षा को झकझोर कर रख दिया है. विमान के कॉकपिट के भीतर पायलट और को-पायलट के बीच हुई खूनी झड़प के बाद से यह सवाल हर किसी के जेहन में उठ रहा है कि आखिर कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद भी विमान के अंदर हथियार या धारदार चीज पहुंची कैसे? इस मामले की हर तरफ चर्चा हो रही है और अब इसके पीछे का पूरा सच सामने आ गया है. विस्तार से जानिए पूरी बात.
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कॉकपिट में पहले से मौजूद होता है 'क्रैश एक्स'
वीडियो और विमानन विशेषज्ञों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लाईदुबई के विमान के कॉकपिट में इस्तेमाल किया गया हथियार या धारदार वस्तु कोई बाहर से नहीं लाई गई थी, बल्कि वह विमान के अंदर ही मौजूद एक आधिकारिक आपातकालीन उपकरण था. एविएशन की भाषा में इसे 'क्रैश एक्स'(Crash Axe) या आपातकालीन कुल्हाड़ी कहा जाता है. यह दशकों से दुनिया भर के विमानों के कॉकपिट में एक अनिवार्य सुरक्षा उपकरण के रूप में रखा जाता है ताकि किसी दुर्घटना या इमरजेंसी की स्थिति में क्रू मेंबर्स या पायलट विमान के पैनल, शीशे या दरवाजे को तोड़कर रास्ता बना सकें.
सुरक्षा जांच और एयरपोर्ट चेकिंग से जुड़ा सच
चूंकि एयरपोर्ट पर यात्रियों और एयरलाइंस क्रू की बेहद कड़ी सुरक्षा जांच होती है, इसलिए किसी भी बाहरी व्यक्ति या पायलट के लिए मेटल डिटेक्टर और स्कैनर को चकमा देकर बाहर से कोई घातक हथियार या चाकू विमान के अंदर ले जाना असंभव होता है. इस सनसनीखेज घटना में भी यही बात साफ हुई है कि हमलावर को-पायलट ने बाहर से किसी हथियार की तस्करी नहीं की थी, बल्कि उसने कॉकपिट के अंदर पहले से ही मौजूद आपातकालीन उपकरण को ही हथियार के रूप में इस्तेमाल कर लिया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
विमान के अंदर क्यों जरूरी होते हैं ऐसे उपकरण?
एविएशन नियमों के अनुसार, कॉकपिट में कुल्हाड़ी या इस तरह के आपातकालीन उपकरण रखना मजबूरी भी है और जरूरत भी. कई बार उड़ान के दौरान हवा में विमान के किसी हिस्से या केबिन में अचानक आग लग जाती है, खासकर आधुनिक गैजेट्स की लिथियम बैटरियों में सुलगने वाली आग को बुझाने के लिए मजबूत दीवारों और पैनलों को तोड़ना जरूरी होता है. ऐसे में 'क्रैश एक्स' जैसे उपकरण ही क्रू की जान बचाते हैं. हालांकि, इस घटना ने यह भी साबित कर दिया है कि सुरक्षा के लिए बनाए गए यही उपकरण अगर गलत हाथों में पड़ जाएं, तो वे किस हद तक खतरनाक साबित हो सकते हैं.
यात्रियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
इस पूरी घटना के दौरान जब कॉकपिट के अंदर खूनी संघर्ष हुआ और विमान अचानक तेज गोता लगाते हुए हजारों फीट नीचे आ गया, तब विमान में सवार सतर्क इजराइली यात्रियों और अन्य क्रू मेंबर्स ने गजब की सूझबूझ दिखाई. यात्रियों ने समय रहते कॉकपिट का रुख किया और हमलावर को काबू में करते हुए विमान को एक बड़े क्रैश होने से बचा लिया. इसके बाद विमान की सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई.
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