पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद बीते कल यानी 1 जून को मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ, जिसमें 35 मंत्रियों ने शपथ ली. इन्हीं मंत्रियों की लिस्ट में एक नाम ऐसा भी शामिल है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. दूसरे के घर में झाड़ू-पोछा और कपड़े धोकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाली कलिता माझी ने पहले अपने दम पर विधानसभा चुनाव जीता और अब वो बंगाल सरकार में मंत्री बन चुकी है. पूर्वी बर्धमान जिले के अनुसूचित जाति(SC) आरक्षित औसग्राम विधानसभा सीट से BJP ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था और उनकी ऐतिहासिक जीत ने सियासी गलियारों में नई मिसाल कायम की है. मंत्री बनने के बाद भी उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि आज वे इस बड़े पद पर है. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.
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पति दिहाड़ी मजदूर तो कलिता करती थी घरों का काम
कलिता माझी भले आज पश्चिम बंगाल के सुभेंदु सरकार में मंत्री बन गई है, लेकिन उनका जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा है. कलिता पूर्व बर्धमान जिले के गुसकरा नगर पालिका के वार्ड नंबप-3(माझपुकुर पार) की रहने वाली है. कलिता का अब तक जीवन काफी साधारण और तंगहाली से भरा रहा है. उनके पति एक दिहाड़ी मजदूर है, जबकि उनका बेटे पार्थ ने इसी साल हायर सेकेंडरी की परीक्षा दी है.
कुछ समय पहले तक कलिता परिवार को अच्छे से चलाने, बच्चे की पढ़ाई और पति को मदद करने के लिए दूसरों के घरों में काम करती थी. वह अलग-अलग घरों में जाकर झाड़ू-पोछा और कपड़े धोने का काम संभालती थी. लेकिन उनकी मेहनत, ईमानदारी और लगन की वजह से आज उन्होंने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है.
2021 में हारी चुनाव, लेकिन हिम्मत बरकरार
मिली जानकारी के मुताबिक, अनीता साल 2014 से भाजपा से जुड़ी हुई है. धीरे-धीरे उसने पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में बहुत सारे काम किए और उनकी इसी मेहनत को देखते हुए पार्टी ने साल 2021 में औसग्राम विधानसभा सीट से टिकट दिया था. उस समय कलिता को बीजेपी उम्मीदवार देख सभी चौंक गए थे और तब भी उनकी खूब चर्चा हुई थी. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और वो TMC उम्मीदवार अबेदानंद थंडर से चुनाव हार गई थी. उस वक्त TMC उम्मीदवार को 1 लाख 392 वोट मिले थे, जबकि कलिता माझी को 88 हजार 577 वोट ही मिले. उस वक्त कलिता 11 हजार 815 वोटों से चुनाव हार गई थी. लेकिन कलिता ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार पार्टी के कामों को आगे बढ़ाती रही.
2026 में पार्टी ने फिर जताया भरोसा
कलिता के लगातार मेहनत और पार्टी से जुड़ाव को देखते हुए BJP ने साल 2026 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर उनपर भरोसा जताया और फिर से औसग्राम सीट से अपना उम्मीदवार बनाया. इस बार कलिता का सामना TMC के कद्दावर नेता श्यामा प्रसाद लोहार और CPI-M के चंचल कुमार माझी से था. कलिता फिर भी घबराई नहीं और लगातार फील्ड में काम करती रही और इसी वजह उन्होंने इस त्रिकोणीय मुकाबले में जीत हासिल की. कलिता ने TMC उम्मीदवार श्यामा प्रसाद लोहार को 12 हजार 535 वोटों से चुनाव हरा दिया.
मंत्री बनने के बाद हुई भावक
अब कलिता माझी सुभेंदु सरकार में मंत्री बन गई है. मंत्री पद की शपथ लेने के बाद वो थोड़ी भावुक हो गई और उनकी आंखों में खुशी साफ दिखाई दे रही थी. उन्होंने बेहद ही सादगी से पार्टी और शीर्ष नेतृ्त्व का आभार जताते हुए कहा कि, मैंने तो सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं जीवन में कभी इस मुकाम पर पहुंच पाऊंगी. मुझे नहीं पता की पार्टी ने मुझसे ऐसा देखा कि उन्होंने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी. अब मैं पार्टी के भरोसे पर पूरी तरह कायम रखूंगा. सिर्फ BJP और मोदी जी मुझ जैसी गरीब महिला को यह अवसर दे सकते थे.
कलिता की जीत पर खुशी का माहौल
कलिता माझी के मंत्री बनने की खबर जैसे ही इलाके में पहुंची तो वहां का माहौल ही बदल गया. जिन घरों में कलिता काम करती थी, वहां के लोगों ने भी जश्न मनाना शुरू कर दिया. कलिता के पड़ोसी से लेकर रिश्तेदारों सभी काफी खुश है और वे पार्टी का धन्यवाद कर रहे है.
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