पश्चिम बंगाल में जब से सत्ता बदली है और TMC को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है, तब से ही पार्टी की स्थिति धीरे-धीरे खराब होती दिखाई दे रही है. एक ओर ममता बनर्जी की पार्टी का अंदरूनी कलह सामने आया है, जिसकी वजह से पार्टी के कई नेता साथ छोड़ रहे है, तो वहीं दूसरी तरफ TMC नेताओं को जनता के गुस्सा का सामना करना पड़ रहा है. इसी बीच एक नया मामला हुगली जिले से सामने आया है, जहां पर जनता का गुस्सा एक बार फिर फूटा है और उन्होंने TMC के बड़े और कद्दावर नेता को सरेआम सड़क पर उठक-बैठक करवाया और माफी भी मंगवाई. इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है. विस्तार से जानिए मामले की पूरी कहानी.
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चुनाव के दौरान की थी आपत्तिजनक टिप्पणियां
मिली जानकारी के मुताबिक, इस शख्स का नाम श्रीकांत घोष है जो कि TMC से जुड़े हुए, हरिपाल ब्लॉक तृणमूल शिक्षा सेल के अध्यक्ष और जेजुर पंचायत क्षेत्र के नेता हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान श्रीकांत घोष ने एक चुनावी जनसभा में भाजपा कार्यकर्ताओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक और धमकी भरी टिप्पणियां की थी. इसके बाद से ही लोगों में गुस्सा भरा हुआ था और जब सरकार बदली तो लोगों ने अब बदला ले लिया है.
चुनाव के बाद गायब हो गया था श्रीकांत!
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान जनसभा में उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणियां तो कर दी थी, लेकिन चुनाव हारने के बाद वह कहीं दिखाई नहीं दे रहे थे और ऐसा लग रहा था कि कहीं गायब हो गए है. लेकिन बीते कल यानी मंगलवार को जैसे ही श्रीकांत घोष जेजुर बाजार क्षेत्र में दिखाई दिए तो कुछ लोगों उन्हें घेर लिया. फिर वहां पर धीरे-धीरे काफी भीड़ जमा हो गई और फिर उन्होंने अपनी बातें कबूली और जनता से माफी मांगी.
उठक-बैठक और माफी का वीडियो वायरल
श्रीकांत घोष को देखते ही वहां मौजूद लोगों ने उनसे चुनाव के दौरान दी गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सवाल करने लगे. भीड़ को देखते हुए श्रीकांत घोष सहम गए और उन्होंने लोगों से माफी मांगना शुरू कर दिया. लेकिन लोगों ने उनसे उठक-बैठक करवाया और माफी भी मंगवाया. इस पूरी घटना को वहां मौजूद किसी शख्स ने अपने कैमरे में कैद कर लिया जो कि अब वायरल हो रहा है.
वहीं मामले को लेकर स्थानीय भाजपा नेताओं का दावा है कि यह TMC के अत्याचार और लोगों के गुस्से का परिणाम है. उनका आरोप है कि पिछले कई सालों में राजनीतिक विरोधियों को धमकाने और झूठे मामले में फंसाने जैसी कई घटनाएं हुई और तब जनता के पास कोई दूसरा चारा नहीं था. लेकिन अब जनता के पास जब विकल्प है तो उनका गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है.
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